राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के जलस्तर में मंगलवार को कुछ कमी आई, इससे माझा क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस बीच कटान के खतरे ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। इस बीच एसडीएम सदानंद सरोज ने राजस्व कर्मियों के साथ माझा कम्हरिया में कटान क्षेत्र का जायजा लिया। साथ ही कटान रोकने के लिए सभी जरूरी प्रबंध के निर्देश जिम्मेदारों को दिए।
रविवार देर रात तक जलस्तर बढ़ने से एक तरफ जहां बाढ़ का पानी अराजी देवारा संपर्क मार्ग के साथ ही तीन मजरों तक पहुंच गया था। लोगों का मानना था कि इसी प्रकार से जलस्तर बढ़ता रहा तो शीघ्र ही न सिर्फ संपर्क मार्ग डूब जाएगा, बल्कि तीन मजरों के अंदर भी पानी पहुंच जाएगा। हालांकि, अब जलस्तर में कमी आने से राहत जरूर मिली है।
वही नदी का जलस्तर कम होने के बाद कटान का खतरा बढ़ गया है। दरअसल, बीते दिनों जलस्तर बढ़ने के बाद जब जलस्तर कम हुआ था तो माझा कम्हरिया में कटान के चलते लगभग 50 बीघा खेत नदी में समा गए थे। इसके अलावा शीशम की बाग का भी आधे से अधिक हिस्सा कटान की जद में आ गया था। अब जबकि एक बार फिर से जलस्तर में कमी हुई है तो कटान होने की आशंका बढ़ गई है। इससे माझा कम्हरिया क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
कटान रोकने के लिए उठाएं जरूरी कदम
मंगलवार को एसडीएम सदानंद सरोज ने राजस्वकर्मियों के साथ कटान क्षेत्र माझा कम्हरिया पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने जिम्मेदारों को निर्देशित किया कि कटान रोकने को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि कटान पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है। उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही अधिकारियों ने माझा कम्हरिया व दर्शननगर में स्थापित स्वास्थ्य शिविर पहुंचकर चिकित्सा सुविधाओं का भी जायजा लिया। चिकित्सकों व कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को संचारी रोगों से निपटने के बारे में जानकारी दें। लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण करें। यदि जरूरत हो तो आवश्यकतानुसार दवाएं भी दें।