अंबेडकरनगर। केंद्रीय आम बजट ने बाढ़ की विभीषिका झेलने वाली टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र की लगभग 50 हजार आबादी के लिए बड़ी राहत दी है। नेपाल से आने वाले पानी से यहां प्रत्येक वर्ष बाढ़ की स्थिति होती है जिससे बचने के लिए केंद्र सरकार नेपाल के साथ मिलकर अब वृहद कार्य योजना तैयार करेगी। उधर एंजेल टैक्स खत्म कर देने से अब यहां स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के साथ ही छोटे छोटे व्यापार व उद्योग को नया पंख लगने का मौका मिल सकेगा।
बजट में मोबाइल, कैंसर की दवा, सोना, चांदी आदि के दाम में कमीं लाने तथा टैक्स में छूट दिए जाने का लाभ जनपदवासियों को मिलेगा ही लेकिन सबसे बड़ी राहत बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों को मिलेगी। दरअसल प्रत्येक वर्ष नेपाल द्वारा छोड़े जाने वाले पानी से सरयू नदी के जरिए जो जिले बाढ़ की चपेट में आते हैं उसमें अंबेडकरनगर भी मुख्य रूप से शामिल है। सरयू नदी की बाढ़ से यहां प्रत्येक वर्ष टांडा व आलापुर तहसील के लगभग तीन दर्जन से अधिक गांव प्रभावित होते हैं।
इस वर्ष भी नेपाल के छोड़े पानी से दोनों तहसीलों के कई गांव तक पानी पहुंच गया जिसमें सड़कें जलमग्न हो गईं। नाव तक चलानी पड़ी। अभी तक पानी हालांकि खतरे के निशान से ऊपर नहीं गया लेकिन इसकी संभावना बनी हुई है। यह निशान पार करते ही यहां कई गांवों में लोगों के घरों में पानी घुस जाता है। इससे अनाज व अन्य सामग्री के रखरखाव के साथ ही आवागमन व पशुओं के चारे का भी संकट खड़ा हो जाता है। अब केंद्र सरकार ने बजट में यह प्राविधान किया है कि नेपाल से छोड़े जाने वाले पानी को लेकर वृहद कार्य योजना पर काम होगा। जहांगीरगंज निवासी योगेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि यह एक सकारात्मक खबर है। ऐसा प्रबंध होना चाहिए जिससे नेपाल के पानी से यहां के लोगों को दिक्कत न होने पाए। आलापुर के गोपाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम निश्चित रूप से बाढ़ के संकट से लोगों को बचाने के लिए अत्यंत प्रभावी साबित होगा।
टांडा के धर्मवीर सिंह बग्गा का कहना है कि प्रत्येक वर्ष लाखों रुपये का नुकसान फसलों के बर्बाद होने, भूमि की कटान होने तथा बीमारी फैलने आदि के चलते हो जाता है। बाढ़ का प्रभाव नहीं होगा तो लोगों को इससे राहत मिलेगी।
उधर लगातार उद्योगों की स्थापना में तेजी से आगे बढ़ रहे जिले को अब एंजेल टैक्स हटाने का भी लाभ मिलेगा। इससे यहां छोटे उद्योगों व व्यापार का स्टार्ट अप शुरू करने का मार्ग और तेजी से प्रशस्त होगा। पिछले वित्तीय वर्ष में ऐसे 50 उद्योगों को आगे बढ़ाने में मदद की गई है जिसके जरिए डेढ़ हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण समिति के सदस्य शुभम अग्रहरि शाश्वत कहते हैं कि यह बजट युवाओं व उद्यमियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। जिले में युवाओं को नए रोजगार सृजन करने के अवसर मिलेंगे।
नदी में समा चुकी 50 बीघा भूमि
बाढ़ से इस वर्ष कुल 50 बीघा भूमि सरयू नदी में समा चुकी है। बीते वर्षों में यह आंकड़ा और बड़ा होता आया है। इस वर्ष चूंकि ज्यादा बारिश नहीं हुई है। इसलिए सिर्फ नेपाल के पानी के असर से 50 बीघा भूमि कटान का शिकार हो गई। इसमें खेत, खाली भूमि व बाग शामिल हैं।