.राजेसुल्तानपुर के रामबाग घाट के निकट घटा सरयू नदी का जलस्तर।संवाद
राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने से मांझा क्षेत्र के लोगों को राहत मिली है, लेकिन बाढ़ का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 85.58 मीटर से घटकर 85.00 मीटर पहुंच गया। 24 घंटे में 58 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। अब नदी खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
जलस्तर घटने के बावजूद मांझा कम्हरिया के बद्री का पूरा मजरे से सरयू नदी की ओर जाने वाले मार्ग पर पानी बह रहा है। वहीं, आराजी देवारा के दर्शन नगर बंधे से प्रसाद कुर्मी का पूरा गांव तक जाने वाले रास्ते पर भी पानी जमा है। इससे दोनों मार्गों पर आवागमन प्रभावित है। पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन रास्ते अभी पूरी तरह साफ नहीं हुए हैं।
आराजी देवारा के हंसू का पूरा मजरे में करीब आधा दर्जन घरों के लोगों के लिए नाव ही आवागमन का साधन बनी हुई है। पानी के बीच आने-जाने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर घटा है। प्रशासन सतर्क है और जरूरत वाले स्थानों पर नाव का संचालन कराया जा रहा है।
कछार क्षेत्र में मिली राहत
विद्युतनगर। सरयू का जलस्तर घटने से कछार क्षेत्र के लोगों को राहत मिली है। उल्टहवा मांझा में सड़क से पानी कम होने के बाद आवागमन पहले से सुगम हुआ है। उल्टहवा, मांझा अवसानपुर, केवटला, डुहियां और महरीपुर में भी पानी घटा है। उल्टहवा मांझा के लेखपाल रामू यादव ने बताया कि गांव में जलभराव कम हुआ है। टांडा नगर पालिका क्षेत्र के नेहरूनगर के मेहनिया और बिछावट इलाकों में भी बाढ़ का पानी कम हुआ है। मुबारकपुर क्षेत्र में भी नदी का पानी घटने लगा है। एसडीएम टांडा संजीव सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के लेखपालों को लगातार स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।