टांडा। नगर में श्रद्धा व आस्था का केंद्र प्रसिद्ध श्री हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर व पवित्र सरयू घाट गंदगी का शिकार होकर रह गया है। श्रद्धालुओं की आस्था व आमद को देखते हुए जहां पहले हर दिन सफाई कर चूना डाला जाता था। वहीं, अब सफाई होना भी बड़ी बात हो गई है। हनुमानगढ़ी मंदिर के पास सरयू घाट पर बनी सीढ़ियां व इसके आसपास कूड़े के ढेर उपेक्षा बयां कर रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता से आम नागरिकों व श्रद्धालुओं में गुस्सा है। नागरिकों ने जल्द से जल्द हनुमानगढ़ी घाट की सफाई कराने की मांग की है।
टांडा नगर के हयातगंज मोहल्ले में स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र है। सरयू के किनारे स्थित होने के चलते यहां लगभग प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्घालु सरयू नदी में स्नान करने व पूजन अर्चन के लिए पहुंचते हैं। आस्था के इस मंदिर में प्रत्येक मंगलवार, शनिवार व पूर्णिमा सहित अन्य धार्मिक पर्वों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इकट्ठा होती है। मां सरयू में स्नान कर भक्तजन हनुमान मंदिर में दर्शन कर अपनी मनोकामना पूर्ण होने की दुआ मांगते हैं। श्रद्घालुओं की आमद को देखते हुए सरयू नदी के इस घाट पर सीमेंटेड सीढ़ी भी बनाई गई है।
मौजूदा समय में सरयू नदी का यह घाट उपेक्षित होकर रह गया है। सीढ़ियां कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। दूसरी ओर नालों के माध्यम से मोहल्ले से बहकर आने वाली गंदगी भी इसी घाट पर आकर रुक जाती है। इसके चलते सरयू नदी का यह हनुमानगढ़ी घाट मौजूदा समय में गंदगी का शिकार होकर रह गया है। मंदिर के दोनों तरफ नदी में दूर दर तक स्नान करने लायक स्थान नहीं बचा है। ऐसे में श्रद्घालुओं को काफी लंबी दूरी तक जाकर स्नान करना पड़ रहा है।
मंदिर में न सिर्फ श्रद्घालु हनुमान जी का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं, बल्कि यहां से दर्जनों परिवारों के घर रोजी रोटी का भी प्रबंध होता है। स्नानघर न होने के चलते भी यहां आने वाली महिला श्रद्धालुओं को काफी दिक्कत होती है। हनुमानगढ़ी घाट की उपेक्षा पर स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी जाहिर की है। कहा कि पहले यहां नियमित साफ सफाई व चूनाकारी होती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से उदासीनता का आलम है। इससे मंदिर के निकट नदी गंदगी का शिकार होकर रह गई है।
श्रीराम लीला समिति चौक अध्यक्ष पं राकेश मिश्र, व्यापारी दीपक केडिया, साहित्यकार अजय प्रताप श्रीवास्तव, नव संवत्सर स्वागत समारोह समिति महामंत्री दिनेश नारायण सिंह, सुधीर अग्रहरि आदि ने इस प्रसिद्ध एवं पवित्र घाट की दुर्दशा पर दुख व्यक्त व्यक्त किया। कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर अविलंब इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
हनुमानगढ़ी घाट पर गंदगी है तो इसके लिए नगर पालिका प्रशासन को सफाई के लिए निर्देशित किया जाएगा। श्रद्घालुओं की आस्था का पूरा ख्याल रखा जाएगा। साथ ही नदी में जा रही शहर की गंदगी को रोकने का प्रबंध भी किया जाएगा।
- अभिषेक पाठक, एसडीएम टांडा