अंबेडकरनगर के टांडा में नगरीय क्षेत्र तक पहुंचने के बाद अब इस तरह कम हो रहा सरयू नदी का पानी।
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सरयू नदी के जलस्तर में दो दिनों से लगातार कमी होने से निकटवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। शनिवार को जलस्तर जहां खतरे के निशान से 14 सेमी ऊपर था वहीं रविवार शाम चार बजे 92.66 मीटर दर्ज किया गया जो कि लाल निशान 92.73 मीटर से 7 सेमी नीचे था। उधर, जलस्तर में कमी होने पर ग्रामीण कटान की आशंका से चिंतित हैं।
इसे देखते हुए प्रशासन संबंधित क्षेत्रों में लगातार निगाह जमाए हुए है। गौरतलब है कि कुछ दिनों से जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही थी जिससे निकटवर्ती डेढ़ दर्जन गांवों के अत्यंत निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया था जबकि माझा उलटहवा के तीन गांव बाढ़ के पानी से घिर गए थे। इस बीच शनिवार से जलस्तर में कमी होनी शुरू हो गई।
बाढ़ प्रखंड के अवर अभियंता चिंतामणि शर्मा ने बताया कि शनिवार शाम चार बजे जलस्तर 92.875 मीटर था जो लाल निशान से 14 सेमी ऊपर था। रविवार शाम चार बजे जलस्तर तेजी से घटकर 92.66 मीटर पर पहुंच गया जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 7 सेमी नीचे था। बताया कि जलस्तर में तेजी से कमी हो रही है।
इस बीच जलस्तर में कमी होने निकटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन कटान की आशंका के चलते उनमें चिंता बनी हुई है। माझा करमपुर, माझा चिंतौरा, माझा अवसानपुर, राजघाट, टीएन डिग्री कॉलेज के पीछे आदि क्षेत्रों में कटान की आशंका अधिक रहती है। उधर, एसडीएम पंकज ने बताया कि जलस्तर में कमी हो रही है। कटान वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।