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फिर उफनाई सरयू, लाल निशान पार

Mon, 08 Aug 2016 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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अंबेडकरनगर के टांडा में उफान के चलते नगरीय क्षेत्रों तक पहुंचा सरयू नदी का पानी। - फोटो : अमर उजाला
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सरयू नदी एक बार फिर उफान पर है। सोमवार को नदी खतरे के निशान को पार कर ढाई सेमी ऊपर पहुंच गई। इससे माझा क्षेत्र में रहने वाले आधा दर्जन गांव के लगभग दो हजार लोगों की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ने लगी हैं। नदी का पानी प्रति घंटा आधा सेमी की दर से बढ़ रहा है। उधर, नदी के जलस्तर में रह-रह कर उतार-चढ़ाव के चलते निकटवर्ती गावों में कटान का खतरा भी बढ़ने लगा है।
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इससे चिंतित ग्रामीणों ने प्रशासन से समय रहते आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। टांडा तहसील के माझा क्षेत्र के ग्रामीणों की सरयू नदी में आई बाढ़ को लेकर चिंता कम होने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को तेजी से कम होते हुए जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से सात सेमी नीचे पहुंच गया था। इससे निकटवर्ती एक दर्जन गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली थी।

हालांकि सोमवार को दोपहर बाद एक बार फिर से जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई। आधा सेमी प्रति घंटा की दर से वृद्धि होने के चलते सोमवार शाम चार बजे जलस्तर 92.755 मीटर पर पहुंच गया जो कि खतरे के निशान 92.73 मीटर से ढाई सेमी ऊपर था।
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नदी की उफान को देखते हुए एक बार फिर से निकटवर्ती माझा उलटहवा, माझा इस्माइलपुर बेलदहा, माझा अवसानपुर, माझा चिंतौरा, माझा छज्जापुर समेत अन्य गांवों के दो हजार से अधिक ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई। जिस तरह जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे माझा उलटहवा के तीन गांवों दिलशेर का पूरा, जालिम का पूरा व बाबूराम का पूरा एक बार फिर से टापू बन सकते हैं।

 उधर, नदी के जलस्तर में कभी वृद्धि तो कभी तेजी से कमी होने के चलते निकटवर्ती गांवों में कटान की आशंका बढ़ गई है। दरअसल जलस्तर में कमी होने से मिट्टी के गीली हो जाने से उसके बहने की आशंका बढ़ जाती है।

अब जबकि नदी के जलस्तर में कभी वृद्धि तो कभी कमी हो रही है तो इससे करमपुर बरसावां, छज्जापुर, चिंतौरा, फूलपुर, माझा कला, माझा उलटहवा, डुहिया, इस्माइलपुर बेलदहा, कटरिया, केवटला व ककराही क्षेत्रों में कटान की आशंका से संबंधित गांवों के लोगों में चिंता व्याप्त हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान की आशंका को देखते हुए समय रहते आवश्यक व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

कहा गया कि यदि समय रहते ऐसा नहीं किया गया तो बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सरयू नदी का पानी नगरीय क्षेत्र तक भी बना हुआ है। इसमें कभी गिरावट होती है तो कभी तेजी आ जाती है। जब जलस्तर बढ़ता है तो नदी का पानी टांडा नगर के छज्जापुर व नेहरूनगर जैसे मोहल्ले में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ाना शुरू कर देता है।

ऐसा इसलिए क्योंकि खतरे का निशान पार करने के बाद नदी का पानी नगरीय क्षेत्र की तरफ बढ़ने लगता है। ऐसे में गली-मोहल्लों में जलभराव का संकट खड़ा हो जाता है। अब एक बार फिर से जिस तरह नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, उससे एक-दो दिन के भीतर नगर क्षेत्र के इन मोहल्लों में रहने वाले लोगों को भी आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।

 एसडीएम टांडा पंकज ने बताया कि नदी के जलस्तर में वृद्धि से ग्रामीणों को चिंतित होने की जरूरत नहीं। प्रशासन ध्यान रख रहा है। कटान न होने पाए, इसके लिए बाढ़ प्रखंड को निर्देश दिए जा चुके हैं।  
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