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सरयू में समाई दो सौ बीघा फसल

Sat, 23 Jul 2016 10:00 PM IST
अंबेडकरनगर
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अंबेडकरनगर के आलापुर क्षेत्र में शनिवार को सरयू की बाढ़ से घिरा गांव। - फोटो : अमर उजाला
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खतरे के निशान के ऊपर बह रही सरयू ने अब आलापुर तहसील में भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है। आलापुर तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इनमें से दो गांवों सिद्धनाथपुर व बद्री का पूरा गांवों का संपर्क टूट चुका है।
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इससे ग्रामीणों का दूसरे क्षेत्रों से संपर्क समाप्त हो गया। साथ ही 50 से अधिक छात्र-छात्राओं का विद्यालय जाना भी बंद हो गया। उफनाई सरयू नदी के चलते बाढ़ ने 200 बीघा धान व गन्ने की फसल को अपनी चपेट में ले लिया।

बाढ़ के कहर के चलते मवेशियों के समक्ष चारे का संकट खड़ा हो गया है। शनिवार को एसडीएम आलापुर विनय गुप्त ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। साथ ही लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन दिया।
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उधर बाढ़ प्रभावित लोगों ने स्थानीय प्रशासन की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बाढ़ के कहर के बावजूद प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने एवं मवेशियों के चारे की अब तक कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है। 

जलस्तर में प्रति घंटा आधा सेमी की वृद्धि के चलते सरयू नदी ने अब आलापुर तहसील क्षेत्र के माझा क्षेत्रों में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। नदी के निकटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंचने के साथ ही आसपास के गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंचना शुरू हो गया है।

नदी के कहर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शनिवार दोपहर तक कल्लू का पूरा, पटपरवा, बद्री का पूरा, करिया लोनिया का पूरा गांवों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है, जबकि सिद्धनाथपुर व बद्री का पूरा गांव तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है।

इससे संबंधित गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में व्यापक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सिद्धनाथपुर व बद्री का पूरा के लगभग 50 छात्र-छात्राओं का विद्यालय जाना बंद हो गया है।

कारण यह कि विद्यालय जाने का मार्ग भी पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। इसके अलावा बाढ़ के पानी में लगभग 200 बीघा धान व गन्ने की फसल पूरी तरह डूब चुकी है। इससे संबंधित किसानों को तगड़ा झटका लगा है। 

प्रभावित गांवों के ग्रामीण छोटेलाल, विजयी, फूदल, रामनरायन निषाद व सतीराम यादव ने स्थानीय प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि आधा दर्जन से अधिक गांव बाढ़ से पूरी तरह घिर चुके हैं।

आवागमन बाधित हो रहा है। इसके बावजूद माझा कम्हरिया क्षेत्र में नावों की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे एक तरफ जहां संबंधित गांवों के ग्रामीणों का संपर्क अन्य गांवों से टूट गया है, वहीं छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।

इसके अलावा मवेशियों के चारे का भी संकट खड़ा हो गया हैै। उधर शनिवार को सपा विधायक अजीमुलहक पहलवान ने टांडा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया।  
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