अंबेडकरनगर के टांडा में गुरुवार को खतरे के निशान के करीब पहुंचा सरयू का जलस्तर।
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पहाड़ों पर हो रही बारिश व नेपाल के बनवसा वैराज से पौने दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से सरयू नदी का जलस्तर बुधवार से लगातार बढ़ रहा है। बुधवार शाम चार बजे जलस्तर जहां 92 मीटर था, वहीं गुरुवार शाम चार बजे बढ़कर 92.275 मीटर पर पहुंच गया। नदी के जलस्तर में एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि हो रही है।
ऐसे ही रहा तो जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.730 मीटर को पार कर जाएगा। उधर, जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से एक तरफ जहां तटीय क्षेत्रों के लोगों में हड़कंप मच गया है, वहीं माझा उलटहवा के 11 पुरवों के लोगों में सुरक्षा व पशुओं के चारे को लेकर चिंता बढ़ गई है।
गौरतलब है कि पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते सरयू नदी के जलस्तर में सप्ताह भर से लागतार उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा था। कभी जलस्तर में वृद्धि हो जाती तो कभी कमी। इस बीच नेपाल के बनवसा वैराज से एक लाख 70 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ दिया गया।
बुधवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर 92 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से 73 सेमी नीचे था। इस बीच जलस्तर में एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि होने लगी जिसके चलते गुरुवार शाम चार बजे जलस्तर 92.27 मीटर दर्ज किया जो कि खतरे के लाल निशान से मात्र 46 सेमी नीचे है।
जिस तरह नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि शीघ्र ही जलस्तर खतरे के लाल निशान को पार जाएगा। उधर, जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने तटीय क्षेत्रों के लोगों को चिंता में डाल दिया है। सबसे अधिक चिंता नदी की दो धारों के बीच बसे माझा उलटहवा के 11 मजरों के लगभग एक हजार लोगों को है।
वे सुरक्षा व पशुओं के चारे को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि बाढ़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन को अब ठोस कदम उठाना चाहिए। न सिर्फ उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए बल्कि पशुओं के चारे की भी व्यवस्था की जाए।