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अन्याय के खिलाफ सपा नेताओं ने रखा दो घंटे का मौन व्रत, जताया विरोध

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फोटो 6, अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर मौन रखकर सत्याग्रह करते सपा नेता व कार्यकर्ता। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर सपा कार्यकर्ताओं ने दो घंटे का मौन व्रत रखकर सत्याग्रह किया। जिलाध्यक्ष रामसकल यादव के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों, मजदूरों, महिलाओं व जवानों के साथ हो रहे अन्याय और अत्याचार के मुद्दे को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने मौन रखकर विरोध दर्ज कराया। कहा कि सरकार लोकतंत्र का गला घोंटने पर आमादा है, लेकिन सपा कार्यकर्ता ऐसा नहीं होने देंगे। प्रदेश की जनता पर होने वाले किसी भी जुल्म को सपा बर्दाश्त नहीं करेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर आगे भी कार्यक्रम जारी रहेगा।
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जिलाध्यक्ष रामसकल यादव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के पास सपा कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने दो घंटे बैठकर मौन व्रत रखा। देश और प्रदेश में हो रहे किसानों, मजदूरों, महिलाओं, जवानों के साथ अन्याय और अत्याचार के खिलाफ समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आवाज उठायी।
पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा, पूर्व विधायक जयशंकर पांडेय, पूर्व एमएलसी विशाल वर्मा, पूर्व मंत्री गोपीनाथ वर्मा, जिला महासचिव मुजीब अहमद सोनू, विद्यावती राजभर, उपाध्यक्ष चौधरी उत्तम पटेल, अनीसुर्रहमान, प्रद्युम्न यादव, आनंद वर्मा, रामजगत प्रजापति, महेंद्र यादव, सिद्घार्थ मिश्र, रवि माझी, सूरज यादव, अंकुश वर्मा, अनिल मिश्र, संदीप यादव, पृथ्वीपाल यादव, भीमलाल कनौजिया, अनिल निषाद, कसीम अशरफ, जमीरुल हसन अंसारी, राजितराम यादव, दीपू पांडेय, वीरेश पांडेय, अजीत यादव, सहीम, बबलू यादव, असगर खान, अशरफ, अमरजीत यादव रिंकू, गुड्डू पाल, राजबहादुर यादव, अजीम, सुरेंद्र यादव, रणजीत यादव, आलोक यादव, मुशीर आलम अंसारी, मनोज यादव आदि सत्याग्रह में शामिल रहे।
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पूर्वमंत्री राममूर्ति वर्मा ने कहा कि सरकार लोकतंत्र के सारे मूल्यों को भूल चुकी है। प्रदेश में न सिर्फ विकास का पहिया थमा है बल्कि चारों तरफ भ्रष्टाचार व अराजकता का माहौल है। आम जनता के बीच भय व दहशत का माहौल है। जनता खुद को ठगा सा महसूस कर रही है। पूर्व एमएलसी विशाल वर्मा व पूर्व मंत्री गोपीनाथ वर्मा ने भी सरकार पर सवाल खड़ा किया। कहा कि मौजूदा सरकार में महिलाओं की सुरक्षा तय नहीं हो पा रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी सरकार को अब जड़ से उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है।
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