अंबेडकरनगर। केंद्रीय बजट 2026 में स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष महत्व दिया गया है। इस बार के बजट में कैंसर और शुगर (मधुमेह) जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं की कीमतों में कमी के प्रस्ताव से अंबेडकरनगर के एक लाख से अधिक मरीजों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है।
ऐसे में, दवाओं के दाम कम होने से मध्यम और गरीब तबके के लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, जिला महिला अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार से महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और उन्हें महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
दवाओं की कीमतों में कमी से मरीजों को मिलेगी संजीवनी
चिकित्सकों ने बजट में कैंसर और मधुमेह की दवाओं को सस्ता करने के फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इन गंभीर बीमारियों के इलाज में भारी खर्च आता है, जिससे कई परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं। अंबेडकरनगर में शुगर के एक लाख 20 हजार हैं, जबकि इस वित्तीय वर्ष में कैंसर के 387 मरीजों का इलाज जारी है।
दवाओं के दाम कम होने से इलाज का बोझ काफी हद तक कम होगा और जरूरतमंदों को समय पर उपचार मिल सकेगा। यह कदम सरकार द्वारा जनहित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लाखों परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगा।
महिला अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार, महिलाओं को मिलेगी सहूलियत
बजट में जिला महिला अस्पताल में सुविधाओं को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। इससे क्षेत्र की महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी। पहले जहां महिलाओं को सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए भी निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब जिला अस्पताल में सुविधाओं के बढ़ने से उन्हें स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा। यह पहल विशेष रूप से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी, जिससे वे स्वास्थ्य के मामले में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
कैंसर की दवाओं को सस्ता करना बड़ा कदम
इस बार का बजट ठीक है। इसमें सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। खासकर स्वास्थ्य सेवाओं में अच्छा काम हुआ है। इस समय कैंसर और मधुमेह जैसी बीमारी बढ़ी है, इनके इलाज में काफी पैसा भी खर्च होता है, जिससे परिवार आर्थिक दबाव में आ जाता है, ऐसे में इन दवाओं को सस्ती करना सरकार का साहसिक कदम है।
डॉ. आशुतोष शुक्ला, अकबरपुर
नहीं रुकेगा किसी का उपचार
बजट में मरीजों और उनके परिवार पर होने वाली आर्थिक दंगी को देखते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बजट में कैंसर और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं में राहत देकर परिवार के आंसू पोछने काम किया गया है। इससे अब लोगों को इलाज में भी सहूलियत मिलेगी।
डॉ. आरआर शुक्ला, जलालपुर