अंबेडकरनगर। कोरोना के लगातार बढ़ते संकट के बीच जिला अस्पताल में पूरी तरह इसे लेकर लापरवाही बरती जा रही है। एक तरफ जहां आम नागरिकों से खुद को सैनिटाइज किए जाने की अपील की जा रही है, तो दूसरी तरफ जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लगी सैनिटाइजर मशीन बीते एक सप्ताह से खराब पड़ी है। इसे दुरुस्त कराने की सुध जिम्मेदारों को नहीं है। उधर, जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने को लेकर बरती जा रही लापरवाही की खबर अमर उजाला में लगातार प्रकाशित होने के बाद शनिवार को जिला अस्पताल से ऐसे मरीजों को राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर व मातृ शिशु विंग टांडा में रेफर कर दिया गया, जिनका इलाज फर्श पर या फिर स्ट्रेचर पर किया जा रहा था।
जिला अस्पताल में कोरोना को लेकर तनिक भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कभी फर्श व स्ट्रेचर पर लिटाकर मरीजों का इलाज किया जाता है, तो कभी वाहन में ही उपचार किया जाता है। न तो सुचारु रूप से आने वाले मरीजों को सैनिटाइज किया जाता है और न ही एंटीजन जांच को लेकर ही गंभीरता दिखाई जा रही है। आलम यह है कि बीते एक सप्ताह से इमरजेंसी वार्ड में लगी सैनिटाइजर मशीन खराब है, लेकिन इसे दुरुस्त कराने की सुध जिम्मेदारों को नहीं है।
ऐसे में इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीज व उनके तीमारदार बगैर सैनिटाइज हुए ही अंदर प्रवेश कर रहे हैं। शनिवार को तीमारदार राजेश कुमार, वसीम अहमद व संतोष ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे तो कोरोना पर अंकुश नहीं पाया जा सकेगा। उधर, सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि सैनिटाइजर मशीन को दुरुस्त कराया जा रहा है। हालांकि इमरजेंसी वार्ड के मुख्य गेट पर ही सैनिटाइजर रखा गया है। बगैर सैनिटाइज किए मरीज व उनके तीमारदार को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
कोविड अस्पताल भेजे गए मरीज
जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों के इलाज को लेकर बरती जा रही बड़ी लापरवाही की अमर उजाला में लगातार प्रकाशित हो रहीं खबरों का असर शनिवार को दिखाई दिया। जिला अस्पताल में फर्श, सीमेंटेड बेंच व स्ट्रेचर पर भर्ती मरीजों को शनिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर व मातृ शिशु विंग टांडा के लिए रेफर कर दिया गया। उधर, सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि बेड खाली न होने के चलते कुछ समस्या आई थी। अब जबकि मेडिकल कॉलेज व टांडा अस्पताल में बेड खाली हैं, तो ऐसे में संबंधित मरीजों को रेफर कर दिया गया।