अंबेडकरनगर के अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को ट्रेन का इंतजार करते यात्री।
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ठंड व कोहरे का दौर शुरू होने के साथ ट्रेनों की लेट-लतीफी भी शुरू हो गई है। एक से लेकर 16 घंटे तक ट्रेनें विलंब से चल रही हैं। ठंड के इस मौसम में स्टेशन पर बैठकर ट्रेनों का इंतजार करना लोगों को काफी भारी पड़ रहा है। ट्रेनों के घंटों विलंब से चलने के चलते यात्री समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों ने सरकार से ट्रेनों का संचालन सुचारु ढंग से कराने की मांग उठाई है। एक तरफ जहां केंद्र सरकार देश में बुलेट ट्रेन चलाने की तरफ अग्रसर है, वहीं दूसरी तरफ देश में संचालित हो रही ट्रेनों के विलंब से चलने का सिलसिला खत्म नहीं हो पा रहा है। अन्य मौसम में तो ट्रेनों का आवागमन काफी हद तक ठीक रहता है लेकिन ठंड के शुरू होते ही ट्रेनों की रफ्तार सुस्त पड़ने लगती है।
इसका सीधा असर इन दिनों अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर देखने को मिल रहा है। प्रतिदिन अप व डाउन मिलाकर इस स्टेशन से लगभग दो दर्जन ट्रेनें गुजरती हैं। मौजूदा समय में हालत यह है कि कोई भी ट्रेन अपने निर्धारित समय से स्टेशन पर नहीं पहुंच रही है। इससे यात्रियों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ठंड के मौसम में स्टेशन पर बैठकर घंटों ट्रेनों का इंतजार करना यात्रियों को काफी भारी पड़ रहा है। शुक्रवार व शनिवार की ट्रेनों पर नजर डाली जाए तो सद्भावना एक्सप्रेस को शुक्रवार अपराह्न सवा दो बजे अकबरपुर स्टेशन पर पहुंचना था लेकिन यह ट्रेन शनिवार सुबह सवा सात बजे अकबरपुर स्टेशन पहुंची। दिल्ली से आजमगढ़ आने वाली कैफियात एक्सप्रेस करीब पांच घंटे देरी से अकबरपुर स्टेशन पहुंची।
इसके अलावा डाउन कैफियात एक्सप्रेस शाम छह बजकर 40 बजे के बजाए चार घंटे विलंब से अकबरपुर स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुई। इसी तरह साबरमती एक्सप्रेस करीब तीन घंटे, सियालदह एक्सप्रेस भी दो घंटे देरी से अकबरपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। इससे यात्रियों को काफी कठिनाई हुई।
दिल्ली के लिए शुक्रवार को ट्रेन पकड़ने आए सुल्तानपुर निवासी शनि पांडेय ट्रेन की लेट-लतीफी से दुखी दिखे। राजेसुल्तानपुर के राजाराम व भीटी के राजेश, पंकज व मनीष भी शुक्रवार रात भर दिल्ली जाने के लिए ट्रेन का इंतजार करते रहे। यात्रियों का कहना था कि रेल प्रशासन को ट्रेनों के समय से चलने पर ध्यान देने की जरूरत है।