कलेक्ट्रेट के निकट सोमवार को उत्तर प्रदेश मनरेगा मजदूर कल्याण समिति ने जोरदार प्रदर्शन किया। मनरेगा मजदूरों के हितों को लेकर अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया। कहा कि शासन-प्रशासन मजदूरों के हितों को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। इसके चलते मनरेगा मजदूरों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।
बाद में मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी विवेक को सौंपा। सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष रामअदालत वर्मा की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पर एकजुट हुए मनरेगा मजदूरों ने प्रदर्शन किया। रामअदालत ने कहा कि उत्तर प्रदेश मनरेगा कल्याण समिति मनरेगा मजदूरों के हितों को लेकर आवाज उठा रहा है लेकिन शासन-सत्ता में बैठे लोग उनके हितों की अनदेखी कर रहे हैं।
कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। वक्ताओं ने मनरेगा मजदूरों की दैनिक मजदूरी 174 से बढ़ाकर 200 रुपये करने की मांग की। कहा कि कई ब्लॉकों में मजदूरों को आंशिक काम दिया जा रहा है जिसकी हाजिरी मनरेगा कार्डों पर नहीं चढ़ाई जा रही है। इससे मजदूूरों को उसका भुगतान भी नहीं मिल पा रहा है।
मांग की कि मजदूरों से लिए जाने वाले सभी कार्यों की हाजिरी कार्ड पर चढ़ाई जाए। इसके अलावा बकायों का भुगतान की मांग की। वक्ताओं ने मांग की कि मनरेगा मजदूरों के बच्चों की शिक्षा के लिए निजी विद्यालयों में कोटा निर्धारित करते हुए निशुल्क शिक्षा, समितियों पर धान खरीद का बकाया भुगतान करने व केंद्रों पर सुचारु रूप से गेहूं खरीद की भी मांग उठाई गई।
बाद में जिलाधिकारी को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर कोइला देवी, पूनम, पार्वती, रामकरन, शमशेर, राजनाथ, शिवनाथ, जवाहिर, गुड्डू, प्रदीप, जिवलाल व महेश आदि मौजूद रहे।