जम लगा रहे लोगों को हटाने के लिए पहुंचे एसओ व पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों के पथराव करने पर भागना पड़ा। ग्रामीणों के जबरदस्त विरोध को देखते हुए अधिकारी शाम करीब सात बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज पाए।
यह घटना क्षेत्र के फत्तेपुर गांव के पास हुई। जलालपुर क्षेत्र के महजीदपुर गांव निवासी राममिलन अपने पुत्र शोभाराम (25) के साथ बाइक से शुक्रवार सुबह बैंक आफ बड़ौदा की जलालपुर शाखा से 50 हजार रुपये निकालकर दोपहर को लौट रहा था।
फत्तेपुर गांव के निकट एक बाइक पर सवार तीन सशस्त्र बदमाशों नेउन्हें रोक लिया। बाइक चला रहा शोभाराम कुछ समझ पाता उससे पहले दो बदमाश आए और असलहे से धमकाकर रुपये वाला बैग छीन लिया।
बदमाश वहां से चंद कदम ही बढ़े थे कि राममिलन रोने लगा। इस पर शोभाराम ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। वह बदमाशों को पहचानता है। यह बात बदमाशों नेे सुन ली और वह फिर आ धमके। एक बदमाश ने नजदीक से शोभाराम के सिर में गोली मार दी। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी होते ही आसपास के लोग जमा हो गए। दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज वारदात से नाराज ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन व नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलने पर एसओ जलालपुर एनके पाण्डेय मौके पर पहुंच।
ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने से इनकार कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए एसओ व पुलिसकर्मी वहां से भाग खड़े हुए। ग्रामीणों ने जलालपुर बसखारी मार्ग पर पूरा गांव के निकट व कर्बला कासिमपुर बाजार में जाम लगा दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जलालपुर, जैतपुर, सम्मनपुर, मालीपुर व बसखारी थाने से पुलिस व पीएसी बुलाई गई लेकिन जाम-प्रदर्शन के चलते पुलिस के वाहनों को कर्बला कासिमपुर पर रुकना पड़ा।
करीब साढ़े तीन बजे एसडीएम व सीओ घटनास्थल की तरफ बढ़े तो लेकिन ग्रामीणों ने उनके वाहन को घेर लिया। करीब डेढ़ किमी पैदल चलकर पुलिस और पीएसी के साथ एसडीएम व सीओ घटनास्थल पर पहुंचे। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक वे शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं जाने देंगे।
ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस की निष्क्रियता और पूर्व में हुई घटनाओं के फर्जी खुलासे के चलते बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। इस बीच एएसपी पंकज पाण्डेय भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए और छह घंटे बाद जाम-प्रदर्शन समाप्त हो पाया।