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Ambedkar Nagar News: सड़कें बन गईं जानलेवा, 15 दिन में 20 मौतें

Mon, 15 Dec 2025 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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बसखारी-जलालपुर मार्ग पर न ही सफेद पट्टी से लेन मार्किंग, न ही लगा संकेतक बोर्ड
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अंबेडकरनगर। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही अब भयावह रूप लेती जा रही है। दिसंबर माह के पहले पखवारे में ही जिले के विभिन्न मार्गों पर हुए सड़क हादसों में 20 लोगों की जान जा चुकी है। हैरानी की बात यह है कि जिन स्थानों पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं हो रही हैं, वे रोड सेफ्टी के बुनियादी मानकों पर भी खरे नहीं उतरते। कहीं चेतावनी संकेतक नहीं हैं, तो कहीं स्पीड ब्रेकर पूरी तरह गायब हैं। कोहरा शुरू हो जाने के बावजूद सड़क के किनारों और बीचों-बीच लगाई जाने वाली सफेद पट्टियां तक नदारद हैं, जिससे वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार विभागों की उदासीनता बनी हुई है। सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकों में लिए गए निर्णय सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन की कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। जिला स्तर पर गठित सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकों में लिए गए निर्णय केवल कागजों तक ही सीमित हैं, जिसके कारण आम लोग रोजाना इन असुरक्षित सड़कों पर अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं और हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।


केस: एक
सिंहपुर चौराहे पर न ही संकेतक और न स्पीड ब्रेकर
हंसवर। क्षेत्र के सिंहपुर चौराहे पर शनिवार को हुई सड़क दुर्घटना में युवक अर्जुन की मौत हो गई थी, जिसने इस व्यस्त चौराहे की खराब सुरक्षा व्यवस्था को उजागर कर दिया है। स्थिति यह है कि इस चौराहे पर कोई भी संकेतक बोर्ड या चेतावनी चिह्न मौजूद नहीं है, और स्पीड ब्रेकर भी नहीं बने हैं। स्थानीय निवासियों, राम सजीवन और मयाराम ने बताया कि सड़क बिल्कुल सीधी होने के कारण वाहन तेज रफ्तार में चलते हैं। बाहर से आने वाले चालकों को इस चौक (चौराहे) की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। चौराहे से मात्र 50 मीटर की दूरी पर एक महाविद्यालय और एक इंटर कॉलेज स्थित है। रोजाना सैकड़ों छात्र और छात्राएं यहां से आते-जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इतने महत्वपूर्ण स्थान पर छात्रों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए कोई भी आवश्यक इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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केस: दो
चौड़ीकरण के बाद जलालपुर रोड असुरक्षित
बसखारी। बसखारी-जलालपुर मार्ग पर जोलहापुर पेट्रोल पंप के पास रविवार को हुए दर्दनाक हादसे में ठाकुर प्रसाद और उनकी बहन मुन्नी की मौत के बाद इस मार्ग पर सड़क सुरक्षा की कमियां एक बार फिर उजागर हो गई हैं। बसखारी से जलालपुर होते हुए किछौछा तक सड़क को चौड़ा कर दिया गया है, लेकिन इसके अनुपात में सुरक्षा इंतजाम बिल्कुल नहीं किए गए हैं। सड़क पर सफेद पट्टी से लेन मार्किंग नहीं है और डिवाइडिंग लाइन भी नहीं बनाई गई है। पूरे मार्ग पर कहीं भी कोई संकेतक बोर्ड नहीं लगाया गया है। स्थानीय निवासियों अनुराग, वीरेंद्र और अनिल ने बताया कि सड़क चौड़ी होने के कारण वाहन अत्यधिक तेज गति से चलते हैं।जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।


बॉक्स
इस माह हुए हादसे
30 नवंबर- अकबरपुर-बसखारी मार्ग पर सम्मनपुर के हासिमपुर बरसावां में मनमाने कट की वजह से बस से टकराकर रामअजोर राजभर व उनकी पत्नी प्रेमा देवी की मौत।
01 दिसंबर- अहिरौली में चीनी मिल के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से आशाराम भीटी के सेनपुर में मेंहदी हसनपुर की चार पहिया वाहन की टक्कर से मौत।
04 दिसंबर- बसखारी के घुरहुरपुर के पास बस की टक्कर से बाइक सवार बृजेश की मौत।
05 दिसंबर- लुंबिनी-दुद्धी नेशनल हाईवे पर टांडा में शिवम और बसखारी के हरैया के पास इंद्रजीत सागर की वनरोज से टकराकर मौत।
07 दिसंबर - मालीपुर के सुरहुरपुर बाजार के पास ट्रक से कुचलकर आजमगढ़ के अतरौलिया की विभा वर्मा की मौत।
08 दिसंबर- सम्मानपुर के बरियावन पट्टी मार्ग पर ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराकर बाइक सवार आकाश व तन्मय, मालीपुर के टिकरी गांव के बपववास दयाशंकर, इब्राहिमपुर के औसानपुर के पास हनुमान यादव की मौत।
09 दिसंबर- जलालपुर के मुरवाह के रोहित की आवारा पशु की चपेट में आने से मौत।
10 दिसंबर-अकबरपुर टांडा मार्ग पर रसूलपुर उसरी के शुभम विश्मकर्मा की सड़क हादसे में मौत।

सिर्फ 10 ब्लैक स्पॉट, उनका भी नहीं हो पाया सुधार
जिले में सड़क सुरक्षा योजनाएं धीमी गति से चलने के कारण बड़े हादसों का खतरा बना हुआ है। पूर्व के वर्षों में हुई दुर्घटनाओं को आधार बनाते हुए वर्ष 2025 में नेशनल हाईवे 128, 135, 233 और स्टेट हाईवे 30 पर 10 ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) चिह्नित किए गए थे। इनमें से कुछ स्थानों पर मामूली सुधार कार्य हुए हैं, लेकिन ज्यादातर ब्लैक स्पॉट पर सुधार योजनाएं अभी भी केवल कागजों पर ही चल रही हैं। हाल ही में, डीएम अनुपम शुक्ला ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन ये निर्देश भी बेअसर साबित हुए।

सुधार की कवायद चल रही
दुर्घटना बाहुल्य स्थानों के सुधार की कवायद चल रही है। एनएचएआई और विभागीय समन्वय से कार्य कराए गए हैं। जिन स्थानों पर समस्याएं अभी भी हैं, उन्हें जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। दुर्घटनाओं की वजह जानने के लिए संयुक्त समितियां उनकी जांच भी कर रही हैं।
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- सौरभ सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग
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