अंबेडकरनगर। कांवड़ यात्रा का दौर शुरू होने के बावजूद जिला मुख्यालय की सड़कों पर कदम-कदम पर बने गड्ढों की तरफ जिला प्रशासन का ध्यान नहीं है। इस मामले में शासन के निर्देशों का भी पालन नहीं किया गया है। जिले के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में सिर्फ दिशा-निर्देशों व कागजी खानापूर्ति तक सीमित हैं। नतीजा यह है कि न सिर्फ आम नागरिकों को मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है वरन कांवड़ियों को भी दिक्तत हो रही है। नगर का सबसे प्रमुख मार्ग एनएचएआई व लोक निर्माण विभाग की खींचतान का शिकार होकर रह गया।
जिला प्रशासन इस बारे में कोई प्रभावी निर्णय लेने के बजाए सिर्फ रस्मी प्रक्रिया अपनाए है, जिसके चलते ही जिला मुख्यालय के प्रमुख मार्ग हद दर्जे तक गड्ढों में तब्दील हैं। करीब हर दिन हो रही बारिश के चलते ये गड्ढे कई जगह जानलेवा भी बने हुए हैं। इन सबके बावजूद लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई व जिला प्रशासन के अधिकारी पूरी तरह बेफिक्र हैं।
कांवड़ यात्रियों समेत जिला मुख्यालय के नागरिकों व दूरदराज के यात्रियों को सड़कों की बदहाली से बचाने की कोई परवाह प्रशासन का आ रही है। इससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही। गौरतलब है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही सभी जिलों को शासन की तरफ से निर्देश दिए गए थे कि सभी तरह के जरूरी प्रबंध पूरे कर लिए जाएं। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों की बैठक बुलाई।
इसमें लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़कों के गड्ढे भरने के निर्देश देने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारी यह जानकारी हासिल करना भूल गए कि उनके निर्देशों का पालन हुआ भी है या नहीं। अत्यंत संवेदनशील मामला होने के बावजूद सड़कों की हालत जानने न तो डीएम राकेश कुमार मिश्र निकले और न ही उन्होंने किसी अन्य जिलास्तरीय अधिकारी को मौके का निरीक्षण करने के लिए भेजा। नतीजा यह कि जिला मुख्यालय के अधिकांश मार्ग कदम कदम पर गड्ढों में तब्दील हैं।
शहर के हर महत्वपूर्ण इलाके में गड्ढे ही गड्ढे
प्रशासनिक अधिकारियों की बेफिक्री तथा विभागीय अधिकारियों की लापरवाही ने अकबरपुर नगर को गड्ढों के अलग अलग जोन में तब्दील कर दिया है। पुराने तहसील तिराहे का पूरा क्षेत्र हद दर्जे तक गड्ढों में तब्दील है। ओवरब्रिज की तरफ बढ़ते ही हनुमान मंदिर के पास दो बड़े बड़े गड्ढे जानलेवा बने हुए हैं। तहसील तिराहे से तमसा पुल की तरफ बढने पर गायत्री मंदिर मार्ग के सामने बने कई गड्ढों से होकर सुरक्षित गुजरना भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं है। रेलवे पुल पार करने के बाद बस स्टेशन के ठीक सामने ओवरब्रिज का पूरा हिस्सा गड्ढों का स्वरूप ले चुका है। बड़े वाहनों के गुजरने पर यहां उनके हर समय पलटने का खतरा बना रहता है, जबकि छोटे वाहनों को भी सुरक्षित निकले में मुश्किल होती है।
बस स्टेशन, पटेलनगर, मीरानपुर, दोस्तपुर रोड, पहितीपुर रोड, बनगांव मार्ग मोड़, इल्तिफातगंज रोड आदि ऐसे क्षेत्र हैं जो गड्ढों के जोन में तब्दील हो गए हैं। जिला प्रशासन का ध्यान इन सड़कों की तरफ नहीं जा पा रहा, जबकि आये दिन इन्हीं मार्गों से होकर अधिकारी गुजरते रहते हैं।
बीते कुछ दिनों से अमर उजाला द्वारा शुरू की गई मुहिम के बीच पूर्व में एनएचआई ने शहजादपुर के कई हिस्सों में बने गड्ढे को पत्थर व डस्ट से भर दिया था। इसके बाद निर्माण नहीं किया जा रहा था। अमर उजाला ने मुहिम जारी रखी तो अब गड्ढों को डामर व महीन गिट्टी से दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया है। इसमें भी मनमानी यह कि थोड़ी थोड़ी दूर पर मनमाने ढंग से मरम्मत कर बाकी के मार्ग को छोड़ दिया जा रहा है। इसे लेकर स्थानीय नागरिकों ने सवाल खड़े किए हैं।
एक कंप्यूटर संस्थान संचालक संजीव कुमार ने कहा कि ऐसे घटिया निर्माण से यह मार्ग एक माह भी ठीक से नहीं चल पाएगा। व्यवसायी पीयूष सेठ ने कहा कि सड़क का विधिवत निर्माण कराना था, लेकिन एनएचएआई पूरी तरह मनमानी कर रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र जायसवाल ने कहा कि दरअसल जिला प्रशासन जिम्मेदारी नहीं निभा रहा, इसीलिए यह सब मनमानी हो रही है।
मार्गों की मरम्मत कराई जा रही है। यह दिखवाया जाएगा कि जल्द ही सभी गड्ढे भर जाएं। जरूरत हुई तो मौके पर जाकर देखा जाएगा। कांवड़ियों व नागरिकों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- अमरनाथ राय, एडीएम