विद्युतनगर। विकास खंड टांडा की 37 ग्राम पंचायतों में करीब चार माह से धन होने के बावजूद मनरेगा योजना के तहत काम ठप होने के मामले को खंड विकास अधिकारी ने गंभीरता से लिया है। सभी ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। कहा गया है कि उचित जवाब न दिया गया तो कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जल्द ग्राम पंचायतों में विकास के कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
बीडीओ वीरेंद्र कुमार सिंह ने बीते दिनों विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत अधिकारियों व सचिवों के साथ बैठक की थी। इसमें ग्राम पंचायत में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की बेहतर गति न मिलने पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि विकास कार्यों को लेकर किसी प्रकार की उदासीनता न बरती जाए।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि 119 ग्राम पंचायत में से 37 ग्राम पंचायतों ने मनरेगा में पर्याप्त धन होने के बावजूद विकास कार्य नहीं कराए। करीब चार माह से जियापुर, प्यारेपुर, नंदापुर, फरीदपुर कला, हकीमपुर, अलनपुर, त्रिलोकपुर, खेतापुर, रूद्रपुर भगाही, शाहपुर कुरमौल, ममरेजपुर, मीरानपुर सदरअली, मुजाहिदपुर, लालापुर, हूंसेपुर, अलमापुर शेखपुर सहित कुल 37 ग्राम पंचायतों में कार्य ठप हैं। इस पर बीडीओ ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। कहा कि यह मनमानीपूर्ण रवैया है।
बीडीओ के निर्देश पर तत्काल सभी 37 ग्राम पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। पूछा गया कि मनरेेगा योजना में धन होने के बावजूद ग्राम पंचायत सचिवों में विकास कार्य नहीं कराए गए। कहा गया कि एक सप्ताह के अंदर समुचित जवाब न आया तो कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा जल्द ही ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शुरू करने का निर्देश दिया।