अकबरपुर बसखारी मार्ग पर कुर्की बाजार के निकट हाईवे पर बंद कराया गया कट। इसी स्थान पर हाल ही में
अंबेडकरनगर। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान की शुरुआत हो गई है। हालांकि, चिंताजनक यह है कि पिछले वर्ष यानी 2025 में जिले में सड़क हादसों का सिलसिला रुका नहीं। आंकड़ों के अनुसार, हर 35 घंटे में एक व्यक्ति की मौत हुई। वर्ष 2025 में हुई 387 सड़क दुर्घटनाओं में कुल 248 लोगों की जान गई और 269 लोग घायल हुए। इन गंभीर आंकड़ों को देखते हुए, हादसों में कमी लाने के लिए सड़क सुरक्षा अभियान के साथ-साथ अब एक बार फिर नए सिरे से ब्लैक स्पॉट (अत्यधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र) का चिह्नांकन करने की कवायद शुरू की जाएगी।
वर्ष 2025 में अंबेडकरनगर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 326 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें कटेहरी, बसखारी, जलालपुर और सम्मनपुर के साथ-साथ शहर कोतवाली सर्वाधिक हादसों वाले इलाके रहे। विश्लेषण से पता चलता है कि इन दुर्घटनाओं के पीछे मुख्य रूप से लापरवाही एक बड़ा कारण रही, हालांकि कुछ मामलों में परिस्थितिजन्य कारक भी जिम्मेदार रहे।
वर्ष 2025 में जिन ब्लैक स्पॉट्स का निर्धारण 2022, 23 और 24 में हुई दुर्घटनाओं के आधार पर किया गया था, उनमें से कुछ स्थानों पर सुधार देखा गया है, जबकि कुछ स्थानों पर अभी भी काम बाकी है। ये पूर्व-चिह्नित ब्लैक स्पॉट मुख्य रूप से नेशनल हाईवे 128, 135, 233 और स्टेट हाईवे 30 पर स्थित थे, जिनमें कुल 10 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे।
अब, वर्ष 2025 में हुईं दुर्घटनाओं के नवीनतम आंकड़ों के आधार पर नए सिरे से ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए यातायात पुलिस, संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मिलकर दुर्घटनाओं के विश्लेषण पर मंथन करेंगे।
योजनाएं और उम्मीदें
यातायात प्रभारी जय बहादुर यादव ने बताया कि ब्लैक स्पॉट के चिह्नांकन का कार्य इसी माह पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे। गत वर्ष हुई दुर्घटनाओं का विस्तृत ब्योरा तैयार कर लिया गया है और इसी के आधार पर सर्वाधिक दुर्घटना वाले स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी।