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तमसा नदी पर पुल न बनने का खामियाजा भुगत रही 20 हजार की आबादी

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फोटो 8, अंबेडकरनगर के जलालपुर में इस तरह जर्जर पुल से तमसा नदी पार करते ग्रामीण। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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जलालपुर। स्थानीय तहसील क्षेत्र के डड़ारी गांव के पास तमसा नदी पर पुल न बनने का खामियाजा करीब 20 हजार आबादी को भुगतना पड़ रहा है। लकड़ी से बनने जर्जर पुल से ग्रामीण किसी तरह अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को विवश हैं। तमाम चुनाव आए, और जनप्रतिनिधि गए लेकिन इस पुल का निर्माण नहीं हो सका। यह बात अलग है कि प्रत्येक चुनाव में प्रत्याशी इसका आश्वासन जरूर देते रहे कि इस बार इसका निर्माण हो जाएगा। परन्तु सात दशक का लम्बा समय बीत गया, लेकिन तमसा नदी पर ग्रामीणों द्वारा जनसहयोग से बना लकड़ी का जर्जर पुल ही बाइक, साइकिल व पैदल यात्रियों के आवागमन को बहाल किए हुए है।
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बताते चलें कि भियांव ब्लाक क्षेत्र से तमसा नदी निकली हुई है। तमसा नदी के चलते भियांव ब्लाक की आबादी दो हिस्सों में बट गई है। करीब 25 गांव की आबादी नदी के दूसरी तरफ है। इससे इस गांव के वाशिंदों को नदी पार करने के लिए अब तक एक पुल की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने जनसहयोग से डड़ारी गांव के पास लकड़ी का एक पुल जरूर बनाया है, जो काफी जर्जर हो चुका है।
इस जर्जर पुल से पैदल, बाइक या फिर साइकिल सवार तो जान जोखिम में डालकर चले जाते हैं, लेकिन बड़े वाहन चालकों को करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकार भियांव ब्लाक मुख्यालय जाना पड़ता है। इससे डरारी, जोलहपुर, जिवली, रामगढ़, लखमीपुर, शेषपट्टी, सुकरौली, बंदीपुर, चैनपुर, आशापार व पर्वतपुर आदि गांव शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से लगभग 20 हजार की आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्रामीण राजेश कुमार, संजय, रामाश्रय, दिनेश, राधेश्याम, अनिल कुमार, पन्नालाल व देवानंद आदि ने बताया कि आवागमन में हो रही असुविधा के चलते वर्ष 1998 में जनसहयोग से डड़ारी गांव के पास लकड़ी के पुल का निर्माण किया गया था। ग्रामीण किसी तरह इस पुल से आवागमन कर रहे हैं। चुनावों में प्रत्याशी आते हैं तो आवश्वासन देकर जाते हैं कि इस बार पुल का निर्माण करा दिया जाएगा, लेकिन जीतने के बाद कोई इस तरफ ध्यान नहीं देता। इससे इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
बताया कि इस पुल के बन जाने से न सिर्फ दर्जनों गांव के ग्रामीणों का भियांव ब्लाक मुख्यालय जाने की दूरी कम होगी, बल्कि जलालपुर तहसील मुख्यालय के लिए आवागमन में सुविधा होगी। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की उदासीनता पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि पुल न बनने से नागरिकों को काफी मुश्किल हो रही है। उधर, एसडीएम एमपी सिंह ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं को दिखवाया जाएगा।
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