अंबेडकरनगर। जिले की 69 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां आजादी के बाद से अब तक ग्राम पंचायत प्रतिनिधि का चुनाव सामान्य श्रेणी के तहत हुआ है। यह ग्राम पंचायतें अब तक आरक्षण की श्रेणी में नहीं आ सकीं। अब जबकि पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने रोटेशन के अनुसार ग्राम पंचायतों में आरक्षण तय करने का निर्देश दिया है तो ऐसे में इस बार संबंधित ग्राम पंचायतों के सामान्य श्रेणी में चुनाव होने का रिकॉर्ड टूट सकता है। संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों व पंचायत चुनाव में किस्मत आजमाने वालों की निगाहें अब 14 मार्च पर हैं, जब आरक्षण की अंतिम सूची प्रकाशित होगी।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। गांव की सरकार बनाने के लिए ग्रामीणों व चुनाव में किस्मत आजमाने वालों ने कमर कसनी शुरू कर दी है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो चुका है तो त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जिले में 77 लाख से अधिक मतपत्र पहुंच चुके हैं। अब इंतजार है तो आरक्षण सूची का, जिस पर कार्य तेजी से चल रहा है। सामान्य व आरक्षण के बीच होने वाले चुनाव को लेकर जिले की कुछ ग्राम पंचायतों का अपना अलग ही इतिहास है। जिले की 902 ग्राम पंचायतों की तुलना में 69 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां आजादी के बाद से अब तक प्रधान पद का चुनाव सामान्य श्रेणी में हुआ है। आरक्षण को लेकर तमाम प्रक्रियाएं आजादी के बाद हुईं, लेकिन यह 69 ग्राम पंचायतें कभी भी आरक्षण की श्रेणी में नहीं आ सकी हैं।
डीपीआरओ कार्यालय के लिपिक विवेकानंद ने बताया कि जो 69 ग्राम पंचायतें अब तक आरक्षण की श्रेणी में नहीं आ सकी हैं, उनमें अकबरपुर विकास खंड में 136 ग्राम पंचायतों की तुलना में 10 ग्राम पंचायतें, टांडा विकास खंड की 119 ग्राम पंचायतों की तुलना में 18, रामनगर विकास खंड में 102 की तुलना में 5, भीटी में 92 की तुलना में 8, जहांगीरगंज में 89 की तुलना में 5, जलालपुर में 115 की तुलना में 9, भियांव में 83 की तुलना में 6, बसखारी में 69 की तुलना में 3 व कटेहरी विकास खंड में 5 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
आरक्षण सूची पर टिकीं निगाहें
जो 69 ग्राम पंचायतें आजादी के बाद से आरक्षण की श्रेणी में नहीं आ सकी हैं, उनके इस बार जारी होने वाली आरक्षण सूची में शामिल होने की संभावना है। दरअसल बीते दिनों ही पंचायतीराज मंत्री ने निर्देशित किया था कि रोटेशन के आधार पर आरक्षण सूची तैयार की जाए। ऐसे में इसे देखते हुए इस बार संबंधित ग्राम पंचायतों के सामान्य श्रेणी में रहने का रिकॉर्ड टूट सकता है। अब संबंधित ग्राम पंचायतों के मतदाताओं व पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे प्रत्याशियों की निगाहें 14 मार्च पर टिकी हुई हैं, जब आरक्षण की अंतिम सूची जारी होगी। इस सूची में तय होगा कि संबंधित ग्राम पंचायतों को रिकॉर्ड बना रहेगा या फिर वे आरक्षण की सूची में शामिल होंगी।
ब्लॉकों में शुरू हुआ आरक्षण कार्य
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को देखते हुए जिले के सभी विकास खंडों में आरक्षण सूची तैयार करने का कार्य प्रारंभ हो गया है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्धारित समय पर आरक्षण सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा।
- वीरेंद्र कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी/प्रभारी जिला पंचायतराज अधिकारी