प्रमन श्रीवास्तव
अंबेडकरनगर। धान के उत्पादन के लिए पहचाने जाने वाला अंबेडकरनगर जल्दी बायोगैस उत्पादन का हब बनेगा। धान की उपज के साथ बहुतायत में उपलब्ध पराली से बनने वाली कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने के लिए देश की नामी-गिरामी कंपनियां यहां अपने उद्योग लगाने के लिए जुटने लगी है। इससे जिले में होने वाले 354 करोड़ रुपये के निवेश से नए सीबीजी प्लांट लगेंगे। इससे युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
देश के नामचीन रिलायंस समूह ने जिले में अपना प्लांट लगाने की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि पेट्रोनेट व गेल इंडिया के प्लांट लगाने के लिए लिए जमीन की तलाश का काम अंतिम दौर में है। जिले में करीब चार लाख किसान हैं। खरीफ में यहां करीब 1.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की जाती है। इससे यहां करीब 52 लाख 20 हजार क्विंटल धान का उत्पादन होता है। धान के साथ ही पराली भी बड़े पैमाने पर होती है, जिसका निस्तारण हमेशा से बड़ी चुनौती होता है।
साल 2024 में अक्तूबर से दिसंबर के बीच पराली जलाने के करीब 80 मामले सामने आए थे। पराली का सबसे बेहतर इस्तेमाल कंप्रेस्ड बायोगैस बनाने में होता है। इसी कारण से अब यहां बड़े पैमाने पर बायोगैस उत्पादन के प्लांट लगाने के लिए निवेशक कंपनियां जुटने लगी हैं। इसकी पहल रिलायंस बायो एनर्जी लिमिटेड ने करीब 124 करोड़ रुपये का सीबीजी प्लांट लगाने के लिए सदर तहसील के ससपना गांव में जमीन लेकर शुरू की है। प्लांट लगाने के लिए जमीन के समतलीकरण का काम कराया जाने लगा है।
इसके साथ ही विभिन्न तेल कंपनियों के लिए सीएनजी तैयार करने वाली पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड ने भी जिले में प्लांट लगाननेके लिए 100 करोड़ रुपये का एमओयू किया है। जिला प्रशासन कंपनी को प्लांट लगाने के लिए जलालपुर तहसील के आशापार में 12 एकड़ जमीन चिह्नित की है। जबकि भारत सरकार के उपक्रम गेल इंडिया लिमिटेड (गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) ने भी 150 करोड़ रुपये से एमओयू प्रस्तावित किया है। गेल को प्लांट लगाने के लिए करीब 25 एकड़ जमीन को चिह्नित किए जाने का काम भी अंतिम दौर में है।
एक साल में धरातल पर उतरे 230 उद्योग
जिले में उद्योग लगाने के लिए 702 निवेशकों ने 11243 करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षर किए थे। इनमें से अब तक 2384 करोड़ रुपये के निवेश से लगने वाले 230 उद्योगों को धरातल पर उतारा जा चुका है। इससे जिले के करीब 7629 बेरोजगारों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होने लगे हैं।
उद्योगों की स्थापना से जिले की अर्थव्यवस्था में तेजी से बदलाव आएगा। इसके लिए निवेशकों को हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है। सीबीजी प्लांट लगने से पराली के निस्तारण के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। -अविनाश सिंह, जिलाधिकारी