खराब मौसम के चलते ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश लोगों ने जिला मुख्यालय का रुख नहीं किया। पूरे दिन प्रमुख बाजारों में सन्नाटा रहा। बारिश से जहां गर्मी व उमस से जूझ रहे लोगों को राहत मिली वहीं जलभराव से शहर की सूरत भी बिगड़ गई।
बीते दो तीन दिनों से निकल रही तेज धूप के चलते उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। बारिश न होने के चलते धान की रोपाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इस बीच बुधवार देर शाम से ही आसमान पर जब काले बादल उमडने लगे। देर रात शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी पूरे दिन जारी रही।
इससे न सिर्फ गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली वरन धान की रोपाई के कार्य ने भी गति पकड़ ली। किसानों के मुताबिक बारिश की एक एक बूंद धान की फसल के लिए अमृत बनकर गिर रही थी। अकबरपुर के किसान रामफेर व जगदीश ने कहा कि इसी बारिश की दरकार थी। आलापुर के दलसिंगार व अंगद ने कहा कि कई वर्षों के बाद इस प्रकार की बारिश देखने को मिली है। इस बारिश से खेत में अधिक समय तक नमीं रहेगी, जिसका लाभ धान की फसल को मिलेगा।
उधर लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। अधिकांशत: लोग घरों में ही कैद रहे। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के जिला मुख्यालय की तरफ न आने से बाजारों में सन्नाटे का माहौल रहा। कुछ देर के लिए बारिश थमी तो बड़ी संख्या में लोग खरीददारी के लिए बाजारों में पहुंचे, लेकिन जल्दी काम निपटाकर अपने घरों में पहुंच गए।
बारिश से जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह जलभराव हो गया। जिला मुख्यालय पर फैजाबाद रोड, कलक्ट्रेट के निकट, कोतवाली के निकट, टांडा मार्ग, पटेलनगर तिराहा, मुरादाबाद मोहल्ला सहित कई अन्य क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था न होने से नाले नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहा।
इससे लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कुछ ऐसा ही हाल जलालपुर व टांडा नगरीय क्षेत्र का भी था। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते नाले नालियों की समुचित साफ सफाई करा दी गई होती, तो जलनिकासी का संकट न खड़ा होता।