अंबेडकरनगर। अब किसान घर बैठे ‘बलराम एप’ से गन्ने की खेती से जुड़ी परेशानियों से छुटकारा पा सकेंगे। बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड की अकबरपुर इकाई ने इस एप की लांचिग की है। बलरामपुर चीनी मिल समूह की कुल 10 चीनी मिलों के माध्यम से लगभग 6 लाख कृषक परिवार इस एप से सीधे जुड़ेंगे। इस एप का निर्माण गन्ने की खेती में बढ़ते लागत मूल्य को कम करने, वैज्ञानिक विधि से खेती करके अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने एवं कृषकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। कृषकों के सशक्तीकरण के लिए यह काफी लाभदायक व टिकाऊ खेती करने और चीनी मिल से सीधे जुड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। जिसका सीधा फायदा गन्ना खेती से जुड़े किसानों को मिलेगा।
चीनी मिल इकाई प्रमुख कृष्ण कुमार बाजपेयी ने एप का शुभारंभ करते हुए किसानों को उसकी महत्ता को भी समझाया। बताया कि गन्ना कृषक के लिए यह एप काफी उपयोगी है। इस एप के जरिए किसान जुड़कर गन्ना उपज, बिक्री, बीमारी आदि के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके माध्यम से जानकारी हासिल कर बेहतर गन्ने की खेती करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा।
महा प्रबंधक वाणिज्य रमाशंकर प्रसाद ने बताया कि कृषक बलराम एप का प्रयोग करके समय की बचत एवं उपज में बढ़ोत्तरी कर आय में वृद्धि करके अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकेंगे। इस एप में गन्ना कृषक के बारे में पूरी जानकारी जैसे कि कृषक कोड, मोबाइल नंबर अंकित करने पर कृषक का नाम, पिता का नाम, ग्राम का नाम, जोत भूमि, प्लॉटवार एवं प्रजातिवार गन्ने का क्षेत्रफल, संबंधित सीएफए आदि विवरण दर्ज मिलेगा।
बुवाई से लेकर कटाई तक की सभी जानकारी
गन्ने में बुवाई से लेकर कटाई तक तथा गन्ना फसल में होने वाली समस्त क्रियाएं जैसे बीज एवं भूमि शोधन, बुवाई विधि, अन्त:कृषर्ण क्रियायें, रासायनिक उर्वरक, कीट-बीमारी एवं पेड़ी प्रबंधन से जुड़ी सभी जानकारी भी इस एप से प्राप्त की जा सकेगी। कर सकेंगे। एक बार एप में लॉगिन करते ही प्लॉटवार गन्ने में की जाने वाली कृषि क्रियाओं का अलर्ट कृषक के मोबाइल पर आता रहेगा। मानव संसाधन अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि कृषक तौल पर्ची निर्गमन, चीनी मिल में आपूर्तित गन्ने का वजन, मूल्य एवं भुगतान की पूरी जानकारी भी इस एप के माध्यम से तत्काल पा सकेंगे। इस एप में गन्ने की खेती से जुड़ी एक हैंडबुक भी उपलब्ध है।