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पुराने तहसील तिराहे पर जरूरतमंदों की राह हुई आसान

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अंबेडकरनगर। लॉकडाउन का पालन कराने के नाम पर जिला मुख्यालय के पुराने तहसील तिराहे पर की जा रही मनमानी से जरूरतमंदों व पासधारियों को राहत मिली है। दरअसल, यहां आवागमन पूरी तरह रोक दिए जाने को लेकर पिछले तीन दिन से लगातार कड़ी नोकझोंक हो रही थी। अमर उजाला ने इसे शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद शनिवार से यहां जरूरतमंदों को राहत दी जाने लगी। तिराहे के तीन मार्ग पूरी तरह ठप करने के बजाए अब एक-एक मोबाइल बैरियर हटा दिया गया है। इससे कर्मचारियों व अन्य जरूरतमंदों ने राहत की सांस ली है। उम्मीद है कि अब दवा, बच्चों का दूध, जरूरी सामान व मरीजों को ले जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
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पिछले चार-पांच दिन से जिला मुख्यालय के पुराने तहसील तिराहे पर आवागमन लगभग पूरी तरह ठप कर दिया गया था। तिराहे के तीनों तरफ 100-100 मीटर दूरी पर बैरियर लगाकर मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया था, जबकि नगर के अन्य क्षेत्रों में किसी प्रकार की कोई रोक नहीं थी। इससे जब भी कोई पासधारी या जरूरतमंद इधर पहुंचता तो उसे बैरंग वापस कर दिया जाता। इसके चलते पिछले कई दिनों से अनावश्यक हंगामे की स्थिति बनती चली आ रही थी। नागरिकों का कहना था कि या तो इसी तरह की बैरिकेडिंग शहर के सभी बाहरी मार्गों के साथ ही नगर के सभी प्रमुख चौराहों पर की जाए अन्यथा सिर्फ एक स्थान पर पूरा आवागमन ठप कर देने का कोई औचित्य नही है।
कई कर्मचारियों ने भी इस व्यवस्था से नाराज होकर ड्यूटी में असमर्थता प्रकट करने की बात विभागीय अधिकारियों से की थी। अलग अलग विभाग के कर्मचारियों ने अधिकारियों से की शिकायत में कहा था कि एक तो वे संकट के इस दौर में ड्यूटी करने निकल रहे हैं, दूसरी तरफ उन्हें पुराने तहसील तिराहे पर अनावश्यक ढंग से रोकने तथा अपमानित करने के दौर का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में ड्यूटी पर आना संभव नही है। कई राजनीतिक दल के पदाधिकारियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
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अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में नागरिकों की इस मुश्किल को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। दरअसल, अधिकारियों तक भी यह शिकायत पहुंची थी कि यहां जरूरतमंदों व पासधारियों को अनावश्यक मुश्किल हो रही है। इसके बाद शुक्रवार को पुराने तहसील तिराहे पर आवागमन में जरूरतमंदों व पासधारियों के लिए एक-एक मोबाइल बैरियर हटा दिया गया। ऐसा इसलिए जिससे जिन्हें जरूरी काम से निकलना है उन्हें अनावश्यक दिक्कत न हो सके। इस व्यवस्था से लोगों ने राहत भी महसूस की। व्यापारी नेता रमेश सेठ व जयराम संगवानी ने कहा कि कोई गलत कर रहा है तो कार्रवाई निश्चित रूप से होनी चाहिए, लेकिन जरूरतमंदों को परेशान किया जाना गलत था। अब नई व्यवस्था से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
बैरियरों पर जांच के बाद गुजरने की अनुमति दी जा रही है। जो भी व्यवस्था बनी है वह सिर्फ इसलिए है ताकि कोरोना का संक्रमण रोका जा सके। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जरूरतमंदों व पासधारियों को मुश्किलें न होने पाएं।
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अवनीश कुमार मिश्र, एएसपी
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