अंबेडकरनगर। छात्रों की सुरक्षा को दरकिनार कर सड़क पर दौड़ रहे 32 ऐसे स्कूली वाहनों का पंजीकरण एआरटीओ कार्यालय ने निलंबित कर दिया है जिनकी आयु 15 वर्ष से अधिक हो चुकी है। साथ ही बीते दिनों चले विशेष अभियान में 60 ऐसे वाहन मिले जिसमें कई प्रकार की कमियां थीं। इसे अविलंब दूर करने का निर्देश दिया गया। वहीं तमाम निर्देशों के बावजूद 123 स्कूली वाहन ऐसे थे जो फिटनेस टेट कराने के लिए एआरटीओ कार्यालय आए ही नहीं। इन्हें भी नोटिस जारी किया गया है।
मालूम हो कि जिले में 1123 स्कूली वाहन हैं जो छात्र-छात्राओं को स्कूल पहुंचाने तथा वापस छोड़ने का काम करते हैं। एआरटीओ कार्यालय के अनुसार आठ जुलाई से 22 जुलाई तक चले विशेष अभियान में 32 स्कूली वाहन ऐसे मिले जिनकी आयु 15 साल से अधिक हो चुकी है। ऐसे में इन वाहनों का पंजीयन निलंबित कर दिया गया। जांच में 60 वाहन ऐसे मिले जिसमें या तो जाली नहीं लगी थी या फिर प्रथम उपचार बाॅक्स नहीं था। इसके अलावा कई अन्य प्रकार की भी कमियां मिलीं। ऐसे वाहनों में जल्द से जल्द व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश संबंधित स्कूल के प्रशासन को दिए गए।
वहीं तमाम निर्देशों के बावजूद 120 स्कूली वाहन ऐसे थे जो फिटनेस टेस्ट कराने के लिए एआरटीओ कार्यालय पहुंचे ही नहीं। ऐसे वाहनों के संचालकों को नोटिस जारी करते हुए अविलंब फिटनेस टेस्ट कराने के निर्देश दिए गए। एआरटीओ सत्येंद्र यादव ने कहा कि स्कूलों वाहनों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन वाहनों की सीमा 15 वर्ष से अधिक हो चुकी है उनके संचालकों को नोटिस जारी किया गया है कि वे 12 जुलाई तक एआरटीओ कार्यालय में यह शपथपत्र दें कि संबंधित वाहन का संचालन नहीं किया जा रहा है। कहा कि यदि जांच में ऐसे वाहन संचालित होते मिले तो कार्रवाई की जाएगी।