आलापुर विधानसभा सीट पर गुरुवार को रिकॉर्ड लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ। इस बार उमड़े मतदाताओं ने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। यह पहली बार है जब यहां के मतदाताओं को फर्स्ट डिवीजन में पास होने का गौरव हासिल हुआ है। 2012 में परिसीमन के बाद आलापुर के नाम से बनी इस सीट पर 58.28 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।
मतदान के अब 10 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया है। सभी ईवीएम को राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अकबरपुर के विशेष कक्ष में रख दिया गया है। आलापुर में तीन लाख 23 हजार मतदाता है। आलापुर सुरक्षित विधानसभा सीट का चुनाव पूर्व में घोषित सपा प्रत्याशी चन्द्रशेखर कनौजिया के निधन के बाद स्थगित हो गया था।
जिले की चार अन्य सीट अकबरपुर, टांडा, कटेहरी व जलालपुर के साथ ही आलापुर में भी 27 फरवरी को मतदान होना था, लेकिन सपा प्रत्याशी के निधन के बाद आलापुर में चुनाव आयोग ने नौ मार्च को मतदान की नई तिथि तय कर दी थी। गुरुवार को 346 बूथों पर सात बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हुई।
इससे पहले सभी बूथों पर प्रत्याशियों के अभिकर्ताओं की मौजूदगी में मॉकपोल कराया गया। इसके बाद सामान्य मतदान शुरू हुआ। चुनाव में सात जोनल व 30 सेक्टर मजिस्ट्रेटों के अलावा 105 वीडियो कैमरा निगरानी टीम लगायी गई थी। गुरुवार को 10 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया।
इनमें बसपा प्रत्याशी त्रिभुवनदत्त, भाजपा प्रत्याशी अनीता कमल व सपा प्रत्याशी संगीता कनौजिया शामिल हैं। चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने आलापुर में लगभग 60.06 प्रतिशत मतदान की पुष्टि की है।