इससे आए दिन जाम की समस्या उत्पन्न होती रहती है। विद्यालयों के खुल जाने से तो स्थित अब और गंभीर हो गई है। पहले जहां जाम की नौबत दोपहर बाद से शुरू होती थी, वहीं अब सुबह से ही जाम की समस्या लोगों को परेशान करने लगी है। पुलिस प्रशासन की उदासीनता पर नगरवासियों में खासा आक्रोश है।
बताते चलें कि अकबरपुर नगर वासी लम्बे समय से जाम की समस्या से त्रस्त हैं। इसकी मुख्य वजह सड़कों पर दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण और टैक्सी चालकों की मनमानी है। नगर के विभिन्न मुख्य मार्गों पर दुकानदार लगभग सड़क तक अपने दुकानों का सामान फैला देते हैं।
ऐसे में दो बड़े वाहनों के पास लेने पर राहगीरों के लिए मुश्किल हो जाती है। कई बार लगने वाले जाम से घंटों राहगीरों को परेशान होना पड़ता है। विभिन्न मुख्य मार्गों पर लगने वाले टैक्सी स्टैंड भी जाम का सबब बनते हैं। फिलहाल टैक्सी स्टैंडों के पास पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती नहीं।
इससे टैक्सी चालक मनमाने तरीके से अपने वाहन सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं। जाम अक्सर शहजादपुर, पुराने तहसील तिराहा, रोडवेज, दोस्तपुर रोड, पहितीपुर रोड आदि स्थानों पर लगता रहता है। इन दिनों जाम की समस्याएं कुछ ज्यादा ही बढ़ गई हैं।
जुलाई को विद्यालय खुलने के बाद बच्चों को लाने ले जाने वाली बसें व टैक्सियां भी चलना शुरू हो गई हैं। इससे जहां पहले मध्याह्न बाद से जाम की समस्या शुरू होती थी, वहंीं अब सुबह से ही जाम की नौबत बन जाती है। एक ही समय से विद्यालयों के खुलने व बंद होने के चलते लोगों को जाम की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
जाम की वजह से कई बार विद्यालय वाहन भी समय से विद्यालय नहीं पहुंच पाते हैं। शुक्रवार को भी नगर के अलग अलग क्षेत्रों में लोगों को जाम के संकट से जूझना पड़ा। नगर निवासी रामदेव पाण्डेय व दीपक चौरसिया ने जाम की समस्या के पीछे पुलिस की लापरवाही बताई।
कहा कि यदि नगर के व्यस्ततम चौराहे पर पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करा दी जाए तो जाम से काफी हद तक निजात मिल सकती है। उधर अपर पुलिस अधीक्षक पंकज पाण्डेय ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस के अलावा थाने की पुलिस भी ट्रैफिक व्यवस्था में लगाई जाती है। स्थिति में अपेक्षित सुधार हो रहा है।