अंबेडकरनगर। कैबिनेट मंत्री व सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने बुधवार को सर्किट हाउस में मौलाना अरशद मदनी और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने मुस्लिम समाज के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की राजनीति पर सवाल उठाए।
कहा कि धार्मिक नेताओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर समाज को आगे बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि आजादी के बाद सरकारी नौकरियों में मुस्लिम समाज की भागीदारी 38 प्रतिशत थी, जो अब घटकर एक प्रतिशत से भी कम रह गई है। उन्होंने मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई करने पर कहा कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करना पड़ता है।
उन्होंने मौलाना अरशद मदनी को अदालत के आदेशों का अध्ययन करने की सलाह भी दी। सर्किट हाउस में उन्होंने गोरखपुर के चुनावी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बयान देने की मांग की। संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव को मिले वोटों का उल्लेख करते हुए उन्होंने यादव मतदाताओं के रुख पर टिप्पणी की। साथ ही कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना पर देश में अराजकता का माहौल बनाने व सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाया।