अंबेडकरनगर। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शनिवार को सर्किट हाउस में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। राजभर ने अखिलेश यादव के नीले साफे को लेकर दलित समाज को सावधान रहने की बात कही। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल से जुड़े कई मुद्दों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पिछड़ों और दलितों के हितों को लेकर सपा की नीतियां सवालों के घेरे में रही हैं।
अखिलेश यादव के भगवा रंग अपनाने पर भी राजभर ने टिप्पणी की। उन्होंने सपा सरकार के दौरान रामभक्तों पर गोली चलाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए वर्तमान सरकार में भगवा रंग को माफिया और गैंगवार के खिलाफ कार्रवाई से जोड़ा। राजभर ने सपा पर सनातन विरोधी होने का आरोप लगाते हुए डिंपल यादव के पुराने बयान का भी उल्लेख किया।
अखिलेश की प्रस्तावित रथ यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह महंगी गाड़ी में बैठकर रथ के ऊपर से हाथ हिलाएंगे और पिछड़ों-दलितों से दूरी बनाए रखेंगे। सुभासपा सपा के रथ के पीछे सावधान यात्रा निकालेगी। इसमें नाई, प्रजापति, पाल, गोंड, लोहार, निषाद, राजभर, चौहान और पटेल समेत अन्य पिछड़ी जातियों के बीच सपा की नीतियों को लेकर सवाल उठाए जाएंगे।
राहुल गांधी के लोकतंत्र और छोटी पार्टियों को खत्म किए जाने संबंधी आरोपों पर ओमप्रकाश राजभर कहा कि छोटी पार्टियों को कमजोर करने का काम कांग्रेस के इतिहास में रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी के मुद्दे पर कहा कि चुनाव के दौरान प्रत्याशी द्वारा दाखिल हलफनामे में दर्ज मुकदमों की जानकारी सामने आने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होती है। इसे राजनीतिक कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
27% ओबीसी आरक्षण के बंटवारे का मुद्दा उठाया
राजभर ने 27 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग आरक्षण के लाभ के वितरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका लाभ कुछ ही जातियों तक सीमित रहा। राजभर ने 3 सितंबर 2013 के हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि आरक्षण के वर्गीकरण की बात सामने आने के बावजूद तत्कालीन अखिलेश सरकार ने इस दिशा में कदम नहीं उठाया।