दीवार अंबेडकरनगर। बारिश का कहर जिले में लगातार जारी है। बीते 24 घंटे में अलग-अलग इलाकों में दीवार व छप्पर की चपेट में आने से दो महिलाएं घायल हो गई। जिला अस्पताल में एक की हालत गंभीर बनी हुई है। जलालपुर के डड़वा कैथी गांव में छप्परनुमा पशुशाला ढहने से तीन मवेशियों की मौत हो गई। इसके अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आधा दर्जन से अधिक कच्चे व छप्परनुमा घर ढह गए।
यह संयोग ही रहा कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। उधर लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। खराब मौसम के चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोग बाजारों में नहीं पहुंच रहे, जिससे बाजारों में आमतौर पर सन्नाटे का माहौल है। इस बीच मौसम सामान्य न होने से उन किसानों की चिंता बढ़ गई है, जिनकी धान व गन्ने की फसल खेतों में धराशायी हो गई है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र ही मौसम साफ नहीं हुआ, तो धराशायी फसल के सड़ने की संभावना है। यदि ऐसा हुआ, तो गहरी आर्थिक चपत लगेगी।
बीते कई दिनों से हो रही बारिश का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। दोपहर बाद बारिश का दौर थमा, लेकिन शाम होते-होते फिर शुरू हो गया। लगातार हो रही बारिश आर्थिक रूप से कमजोर लोगों पर कहर बनकर टूट रही है। बीते 24 घंटे में दीवार व छप्पर के नीचे दबने से जहां दो महिलाएं घायल हो गई, वहीं छप्परनुमा पशुशाला ढहने से तीन मवेशियों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार अलीगंज थाना क्षेत्र के नैपुरा निवासी निवासी शरफुन्निशा (48) पत्नी अनवर रविवार देर शाम घर में काम कर रही थी।
इसी बीच कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई, जिससे वह उसके मलबे में दब गई। गुहार पर पहुंचे आसपास के लोगों की मदद से घरवालों ने उसे मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। स्थानीय इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। भीटी थाना क्षेत्र के भीटी निवासी उर्मिला देवी (58) पत्नी राजबहादुर छप्परनुमा घर में सो रही थी।
सोमवार भोर में अचानक छप्पर ढह गई, जिससे वह उसके नीचे दब गई। जब तक उसे बाहर निकाला जाता, तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। स्थानीय इलाज के बाद उसे जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार जलालपुर थाना क्षेत्र के डड़वा कैथी गांव निवासी किशन का छप्परनुमा पशुशाला है। रविवार देर शाम बारिश के बीच अचानक पशुशाला ढह गई। इससे उसके नीचे एक भैंस व दो बकरिया दब गईं। जब तक मलबा हटाया जाता, तब तक तीनों मवेशी की मौत हो चुकी थी। इसके अलावा अलग थाना क्षेत्रों में आधा दर्जन से अधिक कच्चे व छप्परनुमा घर ढह गए। यह संयोग ही रहा कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।
लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया। खराब मौसम के चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोग बाजारों की तरफ रुख नहीं कर रहे। इससे बाजारों में आमतौर पर सन्नाटे का माहौल रहता है। इसका प्रतिकूल प्रभाव व्यवसाय पर पड़ रहा है। बारिश के चलते जिला मुख्यालय के अलावा अन्य नगरीय क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गया। इससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नाराज नागरिकों का कहना है कि जब तक जलनिकासी को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक जलभराव की समस्या दूर होने वाली नहीं है।
लगातार हो रही बारिश से फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। दरअसल, धान व गन्ने की जो फसल खेतों में धराशाई हो गई है, उसके सड़ने की आशंका बढ़ गई है। भीटी के किसान रामबख्श सिंह व अखण्ड प्रताप ने कहा कि उनकी अगैती धान की फसल दो दिन पहले खेत में धराशाई हो गई थी। यदि बारिश का दौर नहीं थमा, तो फसल के सड़ने की आशंका है। महरुआ के राकेश कुमार व जलालपुर के आनंद ने कहा कि उनकी गन्ने की फसल खेत में धराशाई हो गई है।