राजेसुल्तानपुर। लगातार हो रही बारिश से पिकिया नाले में उफान आ गया है। इससे संबंधित क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों की 200 बीघा से अधिक धान की फसल जलमग्न हो गई। लगातार हो रही बारिश व नाले का पानी खेत में भरा होने से फसल चौपट होने की आशंका से किसानों को चिंता सताने लगी है। उफनाए नाले के पानी से देवलर गांव के पास सड़क जलमग्न हो गई है। इससे लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बीते कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कहर ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बारिश के चलते आलापुर तहसील क्षेत्र में पिकिया नाला उफना गया है। नाले का पानी तेजी से आसपास के गांवों के खेतों को चपेट में ले रहा है। उफनाए नाले से तिलकटंडा, अकथरा नरायनपुर, बैरी बुजुर्ग, असनारा, हरदिहा जलाल, शहाबुद्दीनपुर, देवरिया बुजुर्ग, शिवराजपट्टी, इशहाकपुर, शंकरपुर, सािकरौरा, अहिरौली रानीमऊ, गढ़वल समेत करीब दो दर्जन गांवों की 200 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई।
इससे संबंधित किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखीं। प्रभावित किसान अच्छेलाल व अमरनाथ ने कहा कि एक तो लगातार हो रही है ऊपर से खेत में पानी भर रहा है। अब पिकिया नाले का पानी भी भर गया है। इससे फसल चौपट होने की आशंका बढ़ गई है। धान किसान राजबली व भालचंद्र ने कहा कि बारिश का दौर नहीं थमा तो नाले में उफान और भी बढ़ जाएगा। इससे फसल को व्यापक नुकसान हो सकता है। नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नाले के उफान के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी किसानों की सुध लेने नहीं पहुंचा।
इस बीच उफनाए नाले का पानी गढ़वल राजेसुल्तानपुर मार्ग स्थित देवलर गांव के पास सड़क पर घुटने तक बह रहा है। इससे हर दिन इस मार्ग से होकर गुजरने वाले एक हजार से अधिक लोगों को आवागमन में मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। उधर, एसडीएम आलापुर भरतलाल सरोज ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।