अंबेडकरनगर। बारिश का दौर जारी है। ऐसे में मौसम तो खुशगवार हो गया है, लेकिन मुसीबतें भी खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार सुबह कई क्षेत्रों में पेड़ धराशायी हो गए, वहीं बिजली के खंभे व जर्जर तार भी टूट गए। कई जगह कच्ची दीवारें भी ढह गईं। इससे संबंधित क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। वहीं, खेतों में पानी भरा होने से धान रोपाई का कार्य तेज हो गया है।
लगातार हो रही बारिश से खुश किसानों का कहना है कि इसी प्रकार आगे भी बारिश होती रहे तो इससे धान की उपज बेहतर होगी। हालांकि, मेंथा किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश से मेंथा की फसल लगभग चौपट हो गई है। इस बीच लगातार हो रही बारिश से जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की मुश्किल और विकराल हो गई है। पानी भरा होने से संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
सोमवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार सुबह तक जारी रहा। गुरुवार रात तेज हवा के साथ शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक होती रही। इसके बाद बारिश का दौर थमा तो लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि काले बादल पूरे दिन उमड़ते घुमड़ते रहे। दिन में बारिश न होने से लोगों ने संबंधित बाजारों में पहुंचकर जरूरी सामान की बढ़-चढ़कर खरीददारी की।
हवा के साथ हो रही बारिश के चलते जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कहीं दीवार ढह गई तो कहीं पेड़ धराशायी हो गए। सम्मनपुर थाना क्षेत्र के हाजीपुर में गुरुवार रात छप्परनुमा घर ढह गया। बताया जाता है कि गांव निवासी रवीशचंद्र का छप्परनुमा घर बारिश के बीच ढह गया। इससे उसकी चपेट में रवीशचंद्र की 28 वर्षीय पत्नी रेखा आ गई। इससे मौके पर हड़कंप मच गया। परिवारीजनों ने ग्रामीणों की मदद से उसे मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। स्थानीय इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इसके अलावा भीटी, जलालपुर, आलापुर व टांडा तहसील क्षेत्रों में भी लगभग एक दर्जन कच्चे घर ढह गए। यह संयोग ही रहा कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।
लगातार हो रही बारिश से धान किसानों में खुशी का माहौल है। खेतों में पानी भरने से धान रोपाई के कार्य ने जोर पकड़ लिया है। सुबह से ही किसानों का परिवारीजनों के साथ खेतों में पहुंचकर रोपाई का कार्य शुरू हो जाता है, जो कि देर शाम तक जारी रहता है। किसान रामफेर व जगदंबा ने कहा कि धान रोपाई के लिए इसी प्रकार की बारिश की सख्त जरूरत थी। यदि इसी प्रकार से बारिश आगे भी होती रहे, तो इससे सुचारु रूप से धान की रोपाई का कार्य पूर्ण हो सकेगा। किसान राअचल व घनश्याम ने कहा कि यदि ऐसे ही समय समय पर बारिश होती रहे, तो इससे धान की अच्छी उपज होगी। उधर लगातार हो रही बारिश ने मेंथा किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मेंथा किसान राकेश व श्यामजी ने कहा कि मेंथा फसल की कटाई कर रखा गया था। बारिश के चलते फसल पूरी तरह भीग चुकी है। ऐसे में फसल के चौपट होने की आशंका बढ़ गई है।
जिले में बढ़ी जलभराव की समस्या
लगातार हो रही बारिश से जिला मुख्यालय समेत अन्य नगरीय क्षेत्रों व बाजारों में जलभराव की समस्या खत्म नहीं हो रही है। इससे लोगों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अकबरपुर नगर के पॉश कॉलोनियों में से एक इंद्रलोक कॉलोनी में डॉ. फतेहबहादुर की क्लीनिक से इमामबाग जाने वाला मार्ग बीते दिनों पूरी तरह जलमग्न हो गया था। लोगों को घुटने तक पानी से होकर आवागमन को मजबूर होना पड़ रहा है। मोहल्ला निवासी नियाज, गुलफाम व सत्येंद्र ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मार्ग निर्माण के लिए कई बार नगर पालिका प्रशासन को पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। अकबरपुर तहसील परिसर में भी जलभराव होने से शुक्रवार को अधिकारियों, कर्मचारियों व वादकारियों को आवागमन में समस्या का सामना करना पड़ा। रामनगर बाजार की सड़कें भी पूरी तरह जलमग्र हो गईं। इससे बाजारवासियों को जहां आवागमन में मुश्किलें उठानी पड़ी, वहीं इसका व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
छिन्नभिन्न हुई जिले की विद्युत आपूर्ति
लगातार हो रही बारिश ने जिले की बिजली आपूर्ति पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। जिला मुख्यालय पर हुई गड़बड़ी को दूर कर ज्यादातर क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली संकट बना हुआ है। प्राथमिक विद्यालय बरधाभिउरा के पास पांच विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र के टाउन फीडर से जुड़े लगभग दो दर्जन गावों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। शुक्रवार देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। रामबाबा फीडर से जुड़े तीन दर्जन गावों की भी विद्युत आपूर्ति शुक्रवार देर शाम तक बहाल नहीं हो सकी थी। टांडा विद्युत उपकेंद्र से ममरेजपुर, ओदरा, इस्माइलपुर, उतरेथू, हिथुई दाउदपुर, अरसावां समेत दो दर्जन गावों की आपूर्ति बारिश के चलते क्षतिग्रस्त हुए विद्युत खंभे के चलते ठप हो गई। शुक्रवार देर शाम तक गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इससे संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।