रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही के चलते मंगलवार दोपहर रेल ट्रैक की मरम्मत के दौरान निकली चिंगारी से अकबरपुर कोतवाली के मुबारकपुर मरैला गांव के निकट गेहूं के खेत में आग लग गई। ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए रेल कर्मियों को दौड़ा लिया। कोतवाल दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
उधर सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया लेकिन तब तक दो बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। कर्मचारियों के मौके से भाग खड़े होने पर रेल पटरी क्षतिग्रस्त होने की आशंका में ओखा-गोहाटी एक्सप्रेस ट्रेन लगभग 20 मिनट तक वहां खड़ी रही। बाद में पुलिस के पहुंचने पर आए कर्मचारियों ने लाइन क्लीयर किया तब ट्रेन आगे बढ़ सकी।
जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर से पहले अकबरपुर-वाराणसी रेलमार्ग पर मुबारकपुर मरैला गांव के पास रेल ट्रैक की मरम्मत की जा रही थी। बताया जाता है कि इसी दौरान वेल्डिंग मशीन से निकली चिंगारी से बगल स्थित झाड़ी में आग लग गई। आरोप है कि रेलवे कर्मचारियों ने झाड़ी में लगी पर नियंत्रण पाने का प्रयास नहीं किया।
नतीजतन आग तेजी से आगे बढ़ते हुए गेहूं के खेत तक पहुंच गई। गुहार पर बड़ी संख्या में ग्रामीण खेत की तरफ दौड़ पड़े। उन्होंने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया लेकिन तेज हवा के चलते आग बढ़ती गई। कुछ ग्रामीणों ने रेलवे कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्हें दौड़ा लिया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए रेलवे कर्मचारी उपकरण छोड़कर वहां से भाग खड़े हुए।
ग्रामीणों की सूचना पर स्टेशन मास्टर जाफरगंज पहुंचे। वे ग्रामीणों को ठेकेदार का नाम नहीं बता सके, इस पर ग्रामीणों और भी भड़क गए। इसी दौरान वाराणसी की तरफ से आ रही ओखा-गोहाटी एक्सप्रेस के आने का समय हो गया था। स्टेशन मास्टर ने पटरी को दुरुस्त न होना मानकर ट्रेन को पहले ही रुकवा दिया। सूचना पर अकबरपुर कोतवाल महेंद्र व सम्मनपुर एसओ त्रिभुवन वर्मा दलबल के साथ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराया।
इसके बाद वहां पहुंचे रेल कर्मचारियों ने आवश्यक मरम्मत कर ओखा-गोहाटी एक्सप्रेस को आगे बढ़ाया। उधर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया लेकिन तब तक गांव निवासी चंद्रभान मिश्र व संतोष मिश्र की कुल दो बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।
कोतवाली महेंद्र ने ग्रामीणों द्वारा किए जाने वाले हंगामे से इंकार करते हुए कहा कि ट्रेन को स्टेशन मास्टर ने रोका था। जांच के बाद पटरी ठीक पाए जाने पर ट्रेन को आगे बढ़ा दिया गया। पटरी मरम्मत के चलते खेत में आग लगी थी। कोई विवाद न हो, इसलिए वे सब मौके पर पहुंचे थे।