अंबेडकरनगर। किसान की बेटी राधिका ने महज 23 साल की उम्र में वह कर दिखाया है, जिसे हासिल करने में एक अरसा लग जाता है। राधिका ने मैदान पर अपने दांवपेच से सामने वाले बड़े से बड़े पहलवानों को धूल चटाई है।
नगर पालिका के सिझौली वार्ड में रहने वाले घनश्याम मूल रूप से किसान है। खेती किसानी से ही परिवार की गाडी खींचते हैं। उनकी बेटी राधिका कक्षा पांच की छात्रा है। मात्र तीन माह पहले ही नगर के राजकीय एकलव्य स्पोर्ट स्टेडियम में दाखिला लेकर कुश्ती के दांव सीखना शुरू किया था। धीरे-धीरे उसने जिले के आसपास होने वाली कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और मैदान में अपने दांवपेच से सामने वाले पहलवान को चारों खाने चित कर दिया।
इतना ही नहीं राधिका ने मंडल में भी अपने प्रदर्शन से जीत हासिल की। कोच अभिषेक उपाध्याय की देखरेख में राधिका ने अपने प्रदर्शन को लगातार निखार रही हैं। हाल ही में राधिका का चयन मेरठ में हाॅस्टल कैंप के लिए हुआ है। इस कैंप में कई खिलाड़ियों ने दावेदारी की थी, लेकिन राधिका अपना स्थान सुरक्षित करने में कामयाबी हासिल की। राधिका ने बताया कि उनके भाई सूरज ने भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में कई मेडल जीते हैं। भाई से प्रेरित होकर कुश्ती के दांवपेच सीख रही हैं। राधिका के पिता घनश्याम किसान हैं और माता पार्वती गृहिणी हैं।