जिले में रबी फसलों की बोआई का सीजन शुरू हो गया है। किसानों को इसके लिए खाद व बीज की जरूरत है। उन्होंने इसके लिए 500 व 1 हजार तथा 100 की नोटों का इंतजाम भी कर लिया था, लेकिन पुरानी बड़ी नोटों के प्रतिबंध ने उनकी सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया है।
जमुनीपुर के किसान सुरेश चौधरी कहते हैं कि तीन दिन पहले ही धान आढ़ती के हाथ बेचा था। इसके बदले जो धनराशि मिली, वह सभी 500 व 1 हजार की नोट है। अब गेहूं की बोआई होनी है। बीज व खाद खरीदना है। बड़ी नोट बंद होने से समस्या खड़ी हो रही है। कुछ समझ में नहीं आ रहा कि वह क्या करें।
बहादुरपुर के किसान उदयभान शर्मा ने कहा कि बड़ी नोटों पर बैन लगाने से पहले किसानों का भी ध्यान रखना चाहिए था। रबी की फसल की बोआई के लिए बीज व खाद खरीदना है। बड़ी नोट होने के चलते दुकानदार न तो खाद और न ही बीज उधार दे रहा है। अब बोआई की चुनौती सामने खड़ी है।
इल्तिफातगंज के किसान भरतलाल के मुताबिक खाद व बीज के दुकानदार बड़ी नोट से इंकार कर रहे हैं। खेत गेहूं व मटर की बोआई के लिए तैयार हैं। यदि समय पर बुआई नहीं की गई, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कोई उधार भी देने को तैयार नहीं हैं। इससे उनकी चिंता बढ़ गई है।
सूरापुर के किसान राजमणि ने कहा कि सरसों की बुआई हो चुकी है। अब उसकी सिंचाई की जरूरत है। पैसा नहीं है। यदि समय पर सिंचाई नहीं हुई, तो इससे फसल प्रभावित होगी। इसके अलावा मटर व गेहूं की बोआई के लिए खेत तैयार करना है। धान बेचने के बाद जो बड़ी नोट मिली थी, वह दुकानदारों द्वारा लिया नहीं जा रहा। चिंता है कि यदि विलंब हो गया, तो समस्या खड़ी हो जाएगी।