अंबेडकरनगर। लॉक डाउन के चलते देश की राजधानी दिल्ली समेत विभिन्न महानगरों व शहरों से चलकर अपने घरों को जा रहे बड़ी तादाद में नागरिक शनिवार को भी जिला मुख्यालय पहुंचे। यह सिलसिला एक दिन पहले शुक्रवार को भी जारी था। इसके बावजूद जिले में कहीं भी इनके ठहरने या फिर सरकारी वाहनों का प्रबंध कर गंतव्य तक पहुंचाने का प्रयास नहीं किया गया। इन नागरिकों में से ज्यादातर या तो मजदूर या फिर छोटी नौकरी करने वाले कर्मचारी शामिल थे। इनमें से कुछ लोगों के लिए पुलिस ने लंच पैकेट जरूर उपलब्ध कराया, लेकिन उससे बड़ा दिल दिखाया जिला मुख्यालय समेत आस पास के नागरिकों ने। किसी ने भोजन कराया तो किसी ने भरपूर नाश्ते का प्रबंध।
लंबे लॉकडाउन के चलते बड़े शहरों से निकलकर अपने अपने गांव व कस्बों तक पहुंचने के लिए निकले नागरिकों के अब जिला मुख्यालय पर पहुंचने का सिलसिला शुरु हुआ है। इनमें से ज्यादातर नागरिक वे हैं जो अंबेडकरनगर से होकर अपने गंतव्य को रवाना हो रहे हैं। कोई मऊ, आजमगढ़ से चलकर बाराबंकी व सुल्तानपुर की तरफ जा रहा है तो ज्यादातर नागरिक लखनऊ से चलकर सुल्तानपुर या अयोध्या होते हुए अंबेडकरनगर पहुंच रहे हैं। इनमें लगभग सभी यात्रियों को आजमगढ़, बलिया, मऊ व जौनपुर आदि जनपदों को जाना था। यात्रियों के पहुंचने का सिलसिला एक दिन पहले शुक्रवार से ही शुरु हो गया था।
शनिवार को भी पूरे दिन यह सिलसिला चला। खास बात यह कि इन नागरिकों को ठहराने से लेकर उन्हें सरकारी बसों या सरकारी वाहनों से गतंव्य तक पहुंचाने को लेकर प्रशासन ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी। नतीजा यह हुआ कि यहां भी इन नागरिकों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हाल बेहाल यह यात्री कहीं सड़क के किनारे जमीन पर लेटकर थकान मिटाते दिखे तो कहीं बंद पड़ी दुकानों में। उनकी हालत व बेबसी देख प्रशासन भले ही नहीं पसीजा, लेकिन स्थानीय नागरिकों ने इन यात्रियों को हाथों हाथ लिया।
किसी ने उनके लिए भोजन का प्रबंध किया तो कोई चाय नाश्ता लेकर सेवा में जुटा रहा। बिना किसी भेदभाव व दिखावे के उनकी मदद का सिलसिला चलता रहा।पटेलनगर में मोहम्मद तालिब व आशिफ ने 50 से अधिक ऐसे यात्रियों के लिए भोजन का प्रबंध किया। उधर गाजियाबाद से चलकर पैदल ही अकबरपुर पहुंचे तीन मजदूरों को अरविन्द मिश्र ने भोजन कराया। उनके विश्राम को प्रबंध किया। इसके बाद उन्हें कुछ राशन देकर आगे भिजवाया। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार आजमगढ़ से पैदल चलकर लखनऊ जा रहे दो मजदूरों के टांडा में पहुंचने पर उनके भूखे होने की जानकारी मिलते ही एसडीएम अभिषेक पाठक व सीओ अमर बहादुर ने निजी स्तर पर भोजन का प्रबंध कराया। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह हाल बेहाल यात्रियों की मदद आम नागरिकों ने उन्हें भोजन व नाश्ता कराकर किया।