अंबेडकरनगर। मुख्यमंत्री के आदेश पर शुरू की गई जनता सेवा रोडवेज बसों को यात्रियों का अपेक्षित साथ नहीं मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई इन बसों में औसतन केवल 25 फीसदी ही यात्री मिल पा रहे हैं, जो संचालन के लिए आवश्यक 57 फीसदी लोड फैक्टर से काफी कम है।
इस घाटे के चलते विभाग बसों को बंद करने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में तीन रूटों पर छह जनता सेवा की बसों में यात्रियों की संख्या बेहद कम पाई जा रही है। इसका प्रस्ताव आरएम को भेजा गया है। जनता सेवा बसों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना था। इन्हें सामान्य बसों की तुलना में कम किराए पर संचालित किया जा रहा था।
जिले में अकबरपुर से अतरौलिया, कप्तानगंज, कादीपुर चांदा, बेलघाट, राजेसुल्तापुर, कटका, बंदीपुर, दुलहुपुर, कम्हरिया जैसे विभिन्न रूटों पर 21 बसें चलाई जानी थी। वर्तमान में नौ रूटों पर बसों का संचालन हो रहा है, जिनमें अकबरपुर से कम्हरिया, राजेसुल्तानुपर, अतरौलिया, बंदीपुर, चांदा और कप्तानगंज प्रमुख हैं। इसके अलावा बेलघाट, कटका और दुलहुपुर रूटों पर भी बसें चल रही हैं, लेकिन लगातार पांच फीसदी लोड फैक्टर की कमी के चलते इन बसों को बंद करने का प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि, अंतिम निर्णय आने वाले निर्देशों के आधार पर ही लिया जाएगा।
बस संचालन प्रभारी लक्ष्मी देवी ने बताया कि वर्तमान में बसों का संचालन हो रहा है, लेकिन कम लोड फैक्टर चिंता का कारण बना हुआ है। तीन रूटों पर छह जनता सेवा की बसों में सवारियां कम मिल रही है। इसका प्रस्ताव भेजकर जानकारी आरएम को दे दिए है, उनके मुताबिक आगे का निर्णय लिया जाएगा।