अंबेडकरनगर। किसानों व आमजन की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनिटी कार्यकर्ता शुक्रवार को भी कलेक्ट्रेट के निकट धरने पर डटे रहे। कहा गया कि धान किसान उपज की बिक्री को लेकर परेशान है तो गन्ना किसानों का भुगतान नहीं हो सका है। तालाबों, घूर गड्ढों व बंजर भूमि पर अवैध ढंग से कब्जा किया जा रहा है, लेकिन शिकायत के बावजूद जिम्मेदारों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मंडल उपाध्यक्ष चलाकूपाल ने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित 88 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद तो शुरू कर दी गई, लेकिन ज्यादातर केंद्रों पर खरीद को लेकर पूरी तरह लापरवाही का माहौल है। किसान उपज लेकर संबंधित क्रय केंद्र पर पहुंचता है, लेकिन क्रय केंद्र प्रभारियों की लापरवाही के चलते उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है। बार-बार क्रय केंद्र का चक्कर लगाने के बाद भी जब धान की खरीद नहीं होती तो मजबूर होकर उन्हें आढ़तियों के हाथों औने पौने दाम पर उपज की बिक्री करनी पड़ती है। इसमें अक्सर संबंधित किसानों को आर्थिक नुकसान भी होता है। किसानों की समस्याओं को देखते हुए सुचारु रूप से खरीद का कार्य सुनिश्चित किया जाए।
जिलाध्यक्ष पवन सिंह ने कहा कि गन्ना किसानों का अब भुगतान भी नहीं हो सका है। भुगतान के लिए संबंधित किसान बार बार चीनी मिल का चक्कर लगाते हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान सुनीता, संगीता, शकुंतला, संतराम, बैजनाथ, मेवालाल, ओपी निगम आदि मौजूद रहे।