अंबेडकरनगर। टांडा विधानसभा क्षेत्र में सड़क ढांचे को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। एमएलसी डॉ हरिओम पांडेय के पत्र पर लोक निर्माण विभाग ने बसखारी-जलालपुर-सुरहरपुर मार्ग के चैनेज 14.400 से 20.000 तक 5.600 किलोमीटर हिस्से को दो लेन में चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए शासन को भेजा है। प्रस्तावित योजना पर 11.33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के स्वीकृत होते ही सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
बसखारी से शुरू होकर किछौछा होते हुए जलालपुर विधानसभा की सीमा तक जाने वाला यह मार्ग स्थानीय स्तर पर सबसे व्यस्त संपर्क मार्गों में गिना जाता है। लंबे समय से भारी वाहनों और स्थानीय यातायात को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्रस्तावित चौड़ीकरण से अब यह मार्ग दो लेन में परिवर्तित होगा। इससे न केवल जाम की समस्या कम होगी बल्कि यातायात सुगम और सुरक्षित भी होगा। बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज समय पर बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। वहीं व्यापारियों के लिए माल ढुलाई की प्रक्रिया सरल होगी। ग्रामीण क्षेत्रों से कस्बों तक सामान की आवाजाही तेज होने से आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
इस मार्ग के सुधरने से टांडा, जलालपुर और आसपास के क्षेत्रों के छोटे बाजारों को भी सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों से कस्बों तक छात्रों की यात्रा आसान होगी। वहीं आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में समय की बचत होगी। मजबूत सड़क कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास की गति और तेज होगी। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही निविदा प्रक्रिया शुरू होगी। विभाग का मानना है कि परियोजना के पूर्ण होने से टांडा विधानसभा ही नहीं बल्कि जलालपुर विधानसभा क्षेत्र से सटे इलाकों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
किछौछा दरगाह आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत
यह मार्ग विश्वप्रसिद्ध किछौछा दरगाह से होकर गुजरता है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। विशेष अवसरों पर अक्सर यातायात बाधित होता रहा है। चौड़ी और सुदृढ़ सड़क बनने से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सड़क व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना सरकार की प्राथमिकता है। बसखारी-जलालपुर-सुरहरपुर मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण केवल यातायात सुधार नहीं बल्कि क्षेत्रीय विकास का आधार बनेगा। इस मार्ग से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और धार्मिक पर्यटन सभी क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। उम्मीद है कि यह योजना शीघ्र स्वीकृत होकर धरातल पर उतरेगी।
- डॉ हरिओम पांडेय, एमएलसी