अंबेडकरनगर। लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अस्पतालों को सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) के माध्यम से चलाने की प्रक्रिया में काम शुरू हो गया है। इसी के तहत टांडा में बने दो बेड के एमसीएच विंग को भी चलाने की तैयारी की जा रही है।
यहां पर डाॅक्टरों व कर्मचारियों की कमी के कारण इलाज में दिक्कत हो रही थी। मंगलवार को लखनऊ से डिलोटी कंपनी के कंसलटेट मिनोटी डिंगे के नृेतत्व में दो सदस्यों ने अस्पताल पहुंच कर बिल्डिंग, संसाधन, चिकित्सक व अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कंपनी की ओर से डाॅक्टर से लेकर अन्य कर्मचारी की तैनाती करके इसका संचालन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को निविदा के माध्यम से अस्पताल को अनुबंध पर दिया जाना है। सेवा प्रदाता को ओपीडी, जांच की सुविधा, मरीजों की भर्ती और दवा मुफ्त उपलब्ध कराना होगा। टांडा के एमसीएच विंग में हर माह 35 से 40 प्रसव कराए जाते हैं। यहां पर टांडा सीएचसी के चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाती है। सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल ने बताया कि कंपनी की ओर से सर्वे करने के लिए टीम आई थी। आगे का जो भी फैसला होगा, वह शासन की ओर से किया जाएगा।