जलालपुर (अंबेडकरनगर)। पूर्वांचल के ऐतिहासिक बाबा गोविंद साहब मेले की शुरुआत में भले ही करीब 13 दिन शेष हों, लेकिन मेला परिसर में रौनक अभी से दिखाई देने लगी है। मनोरंजन के लिए बड़े झूले, आधुनिक झूला मशीनें और दुकानदारों के स्टॉल लगातार पहुंच रहे हैं। अपनी मिठास और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध पन्नालाल खजला की दुकान भी परिसर में सज चुकी है, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह और बढ़ गया है।
करीब एक माह तक चलने वाला यह प्राचीन मेला न सिर्फ अंबेडकरनगर, बल्कि गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, संत कबीर नगर, सुल्तानपुर, गोरखपुर सहित कई जिलों से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। 29 नवंबर की मध्यरात्रि से होने वाले गोविंद दशमी स्नान के लिए हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। स्नान के बाद श्रद्धालु परिसर में लगी विविध दुकानों से खरीदारी करते हैं, बच्चे झूलों का आनंद उठाते हैं और युवाओं के लिए भी मनोरंजन के अनेक साधन उपलब्ध रहते हैं। मेले के शुरू होने से पहले ही क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल बन चुका है। तैयारियों के पूरा होते ही इस ऐतिहासिक मेले की रौनक चरम पर होने की उम्मीद है।
तैयारियों में जुटा प्रशासन
मठ प्रशासन की ओर से सरोवर की बैरिकेडिंग, लाइटिंग और परिसर की सजावट तेजी से कराई जा रही है। जिला पंचायत द्वारा मुख्य सड़कों की मरम्मत, लाइटिंग तथा अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए रैन बसैरा, सामुदायिक शौचालय और शुद्ध पेयजल जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
मेले में सुविधाओं पर विशेष जोर
मेला अध्यक्ष भोमेंद्र सिंह उर्फ पप्पू ने बताया कि जिला पंचायत द्वारा सभी मुख्य मार्गों की मरम्मत तेज गति से कराई जा रही है। व्यापारियों की किसी भी समस्या का तुरंत समाधान करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार संवाद में हैं।
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