लरामपुर के उतरौला में स्थित सजाया गया दुखहरण नाथ मंदिर
बलरामपुर। सावन माह के पहले सोमवार को लेकर जिले के शिवालयों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुबह चार बजे से मंदिरों के पट खोल दिए जाएंगे और दिनभर श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकेंगे। सभी शिवालयों पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
शहर के प्रसिद्ध झारखंडी मंदिर, राजापुर भरिया स्थित कल्पेश्वर महादेव मंदिर, झारखंडेश्वर महादेव मंदिर, पचपेड़वा के शिवगढ़ धाम व उतरौला के दुखहरण नाथ मंदिर सहित अन्य शिवालयों में सावन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। सोमवार को शिवालयों के पट सुबह चार बजे ही खोले जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालु दिनभर शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सकेंगे। मान्यता है कि सावन माह में सोमवार का व्रत रहना काफी फलदायी होता है। सावन माह की शुरुआत के साथ शहर में विभिन्न जगहों पर श्रद्धालुओं के लिए सेवा शिविर लगाए जाएंगे। झारखंडी मंदिर के प्रधान पुजारी सोनू गिरि ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एएसपी विशाल पांडेय ने बताया कि सभी शिव मंदिरों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी प्रमुख शिवालयों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
पूजन सामग्री के साथ श्रृंगार के सामानों की बढ़ी बिक्री
झारखंडी मंदिर में दुकान चलाने वाले दुकानदार लकी गुप्त ने बताया कि सावन के चलते पूजन-सामग्री की मांग बढ़ गई है। ग्राहक पूजन सामग्री के साथ शिवलिंग, तांबे के बने सांप, जलहरी, नर्मदेश्वर शिवलिंग, भस्म, सावन माह पत्रिका की मांग कर रहे हैं। दुकानदार राजू के अनुसार बाजार में श्रृंगार के सामान में कांच, मेटल की हरी चूड़ियां, हरे, पीले सूट व साड़ियों की डिमांड भी अधिक है।
लरामपुर के उतरौला में स्थित सजाया गया दुखहरण नाथ मंदिर