अंबेडकरनगर। ग्रामीण क्षेत्र से जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में आने वाली गर्भवती महिलाओं को कोई सुनवाई नहीं होती है। बिना जांच पड़ताल के ही उन्हें एमआरए मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर रेफर कर दिया जाता है। मेडिकल कॉलेज से भी प्रसव को गंभीर बताकर उच्च स्तरीय चिकित्सालयों के लिए रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में महिलाओं को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। इसका खुलासा सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल की जांच में हुआ है।
सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा, डॉ. आशुतोष सिंह ने अकबरपुर के टांडा रोड स्थित एमकेडी चिकित्सालय का निरीक्षण किया जिसमें पूरी कहानी सामने आई। टीम ने अस्पताल में भर्ती सुल्तानपुर जिले के बनी दोस्तपुर की रहने वाली रूबी से वार्ता की। परिजनों ने बताया कि उसे जब प्रसव पीड़ा हुई तो सीएचसी दोस्तपुर ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल अकबरपुर लेकर आए। यहां बिना जांच पड़ताल के केस को गंभीर बता कर राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर रेफर कर दिया।
मेडिकल कॉलेज से भी रेफर कर दिया गया। महिला को प्रसव पीड़ा बढ़ी तो उसे एमकेडी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां पर सिजेरियन सेक्शन के बाद डिलीवरी कराई गई। सीएमओ ने बताया कि दोनों अस्पतालों को पत्र लिखकर जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।