अंबेडकरनगर। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की दिव्यांगता की समय रहते पहचान के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब एनसीईआरटी की ओर से विकसित प्रशस्ति 2.0 एप के माध्यम से स्कूल स्तर पर ही बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक शैक्षिक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
जिले में परिषदीय शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 1583 विद्यालय संचालित हैं। साथ ही, 8 कस्तूरबा विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब 2315 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। अब इन सभी बच्चों की स्क्रीनिंग शिक्षक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से प्रशस्ति 2.0 एप के जरिये करेंगे। यह एप समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विकसित किया गया है। इसके जरिये बच्चों में पाई जाने वाली 21 प्रकार की दिव्यांगताओं की प्रारंभिक जांच की जा सकती है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक के निर्देश पर जिले के सभी परिषदीय और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों तथा कक्षा अध्यापकों को यह एप अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डन, कक्षा अध्यापक, स्पेशल एजुकेटर और फिजियोथेरेपिस्ट भी इस एप का उपयोग करेंगे। एप के माध्यम से शिक्षक बच्चों से जुड़ी कई प्रकार की जानकारियां दर्ज करेंगे।