गड़बड़ बिल हुए दुरुस्त
अंबेडकरनगर। अकबरपुर बिजली परिसर में शुक्रवार को उपभोक्ता सुविधा व राजस्व वसूली शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान गड़बड़ बिलों की जांच कर उनमें सुधार किया गया। इसमें मीटर रीडिंग की त्रुटियां, अतिरिक्त शुल्क की कटौती और पिछले बकाया की गलत प्रविष्टियों को ठीक किया गया। कई उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। इस दौरान करीब 66 हजार रुपये की राजस्व वसूली हुई। साथ ही दर्जनों उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान कर आवश्यक सुधार किए गए।
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अरियौना वार्ड में चला सफाई अभियान
अंबेडकरनगर। शहर के अरियौना वार्ड में शुक्रवार को नगर पालिका की ओर से सफाई अभियान चलाया गया। नगर पालिका टीम ने घर-घर पहुंचकर लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया। टीम ने बताया कि घर से ही कचरे का सही तरीके से पृथक्करण करने से सफाई व्यवस्था बेहतर बनाई जा सकती है। नगर पालिका टीम ने नागरिकों से स्वच्छता अभियान में सहयोग करने और कचरे को निर्धारित तरीके से निस्तारित करने की अपील की।
76 लोगों के बने आयुष्मान कार्ड
अंबेडकरनगर। जिले में शुक्रवार को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अभियान चलाया गया। इस दौरान 76 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। जिला अस्पताल के साथ-साथ सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए गए। अब तक योजना से वंचित पात्र परिवारों के सदस्यों को प्राथमिकता दी गई। इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को भी विशेष रूप से लक्षित किया गया।
तैराकी की तकनीक और बचाव के तरीकों का अभ्यास
अंबेडकरनगर। शहर के एकलव्य स्टेडियम में शुक्रवार को तैराकी शिविर का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों को तैराकी के साथ-साथ जल सुरक्षा और बचाव से जुड़ी गतिविधियों का अभ्यास कराया गया। जीवन रक्षक वीरेंद्र निषाद की ओर से प्रतिभागियों को तैराकी की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी गई। शिविर में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षक के निर्देशन में तैराकी से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन्हें जल में सावधानी बरतने और सुरक्षा नियमों का पालन करने के बारे में भी बताया गया।
किसानों को आधुनिक फसल प्रबंधन का प्रशिक्षण
कटेहरी। कृषि विज्ञान केंद्र पांती में शुक्रवार को किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। किसानों को आधुनिक खेती, फसल प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों की जानकारी दी गई। अध्यक्ष डॉ. रामजीत ने कहा कि बदलती कृषि परिस्थितियों में वैज्ञानिक पद्धति अपनाना समय की आवश्यकता है। इसमें समय पर बुवाई, संतुलित उर्वरक प्रयोग, सिंचाई प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण और फसलों की नियमित निगरानी जैसे विषय शामिल रहे। किसानों को मौसम के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की भी सलाह दी गई।