बार-बार ट्रिपिंग से जूझ रहे उपभोक्ता
गर्मी ने तोड़ा पिछले आठ साल का रिकाॅर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। लगभग आठ वर्ष के लंबे अंतराल के बाद इस बार सितंबर में गर्मी ने रिकाॅर्ड तोड़ा है। रविवार को 35 डिग्री तापमान दर्ज हुआ, जबकि बीते आठ वर्ष में इस दौरान 30 से 32 डिग्री तक ही तापमान रहा है। इस भीषण गर्मी के बीच शनिवार रात शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह आपूर्ति में दिक्कतों से उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लगभग एक लाख आबादी की रात करवटें बदलते हुए बीत रही है।
हालत ये है कि दोपहर में लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। बाहर निकलने वाले लोग छांव तलाशते दिखते हैं। एक तरफ गर्मी ने जहां कड़ा रुख अपना रखा है तो वहीं आम लोग बिजली संकट से परेशान हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि रोस्टर के अनुरूप बिजली नहीं मिल पा रही। शनिवार रात अकबरपुर नगर के अलग-अलग फीडर पर होने वाली कटौती व व्यवधान ने उपभोक्ताओं को ठीक से सोने तक नहीं दिया।
नौबत यह थी कि हर घंटे चार से पांच बार बिजली की ट्रिपिंग हो रही थी। ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति और भी खराब रही। टाउन फीडर के उपभोक्ता अरुण वर्मा ने बताया कि 18 घंटे बिजली का दावा करने वाला विभाग 10 घंटे भी सुचारू रूप से बिजली नहीं दे पा रहा है। शनिवार शाम को कटी बिजली रात लगभग दो बजे आई। साउथ बेस्ट फीडर के उपभोक्ता संदीप के अनुसार व्यावधान के बाद जो आपूर्ति हो रही है वह भी लो वोल्टेज में। इससे बिजली उपकरण ठीक से काम नहीं कर पाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यवस्था बेपटरी
आलापुर तहसील क्षेत्र के बिजली उपकेंद्र तेदुआईकला से चल रहे सिंघलपट्टी, कम्हरिया, गिरैयाबाजार, जहांगीरगंज, निकसपुर फीडर व राजेसुल्तानपुर से चलने वाले छह फीडर से भी उपभोक्ताओं को 18 घंटे की बिजली नहीं मिल पा रही। राजेसुल्तानपुर के अच्छेलाल ने कहा कि शाम होते ही बिजली आपूर्ति ट्रिप होने लगती है। धारूपुर के विवेक व कम्हरिया के कृपाशंकर ने बताया कि रात एक बजे के बाद बिजली आपूर्ति में कुछ सुधार होता है। भीटी बाजार में हर दस मिनट में लाइट ट्रिप कर रही है। बाजार निवासी ज्ञानप्रकाश शर्मा व चंद्रभान ने बताया कि पिछले चार दिन से हालात बहुत ही खराब है। थोड़ी-थोड़ी देर पर आपूर्ति ठप हो जा रही। जलालपुर व रफीगंज में भी लोग लो वोल्टेज तथा ट्रिपिंग की समस्या से परेशान हैं। शिवम काॅलोनी निवासी अतुल कुमार ने बताया कि शनिवार को रातभर बिजली आती-जाती रही। इससे पूरी रात लोग सो नहीं पाए।