अकबरपुर नगर में पोस्टमार्टम हाउस के पास एक पीपल का पेड़ हाईटेंशन तार पर गिर गया। इससे मीरानपुर मोहल्ले की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इससे लगभग 20 हजार की आबादी को न सिर्फ पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी बल्कि मंगलवार सुबह पेयजल का भी संकट खड़ा हो गया। मंगलवार दोपहर बाद आपूर्ति बहाल हो सकी।
सोमवार देर रात पोस्टमार्टम हाउस के पास एक पीपल का पेड़ लंबे समय से किसी अप्रिय घटना को दावत दे रहा था। उसे कटवाने के लिए कई बार लोगों ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सोमवार रात लगभग साढ़े 12 बजे पेड़ अचानक धराशायी हो गया।
हाईटेंशन तार पर पेड़ के गिरने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इससे नगर के मीरानपुर मोहल्ले की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। पूरी रात लगभग 20 हजार की आबादी को अंधेरे में ही रहना पड़ा। सबसे अधिक समस्या मंगलवार सुबह पेयजल को लेकर हुई।
टुल्लू पंप न चलने से मकान के ऊपरी मंजिल पर रहने वाले लोगों को एक बाल्टी पानी के लिए परेशान होना पड़ा। विद्युत आपूर्ति ठप रहने का असर मंगलवार सुबह लोगों की दिनचर्या पर भी पड़ा। हीटर व गीजर जैसे उपकरण न चलने के कारण गर्म पानी का लाभ लोगों को नहीं मिल सका।
व्यवसाय भी हुआ प्रभावित
रातभर बिजली गुल रहने से पावरलूम जैसे लघु उद्योग धंधों पर भी प्रतिकूल असर पड़ा। मीरानपुर क्षेत्र स्थित पावरलूमों की खटर-पटर पूरी रात शांत पड़ी रही। रातभर आपूर्ति ठप रहने के बाद उम्मीद थी कि मंगलवार सुबह आपूर्ति बहाल हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
‘बिजली कर्मियों ने बरती लापरवाही’
उपभोक्ताओं का आरोप है कि पावर कारपोरेशन के कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह पेड़ को कटवाने और तारों को दुरुस्त करवाने का कार्य काफी विलंब से शुरू किया। इससे मंगलवार दोपहर तक कई क्षेत्रों में आपूर्ति ठप रही। उपभोक्ता नीलेश, जुरगाम व हैदर ने कहा कि रातभर आपूर्ति ठप रहने के बाद भी विद्युत अधिकारियों ने तत्परता नहीं दिखाई।