अंबेडकरनगर/ बसखारी। विद्युत वितरण खंड टांडा 132 में स्थापित 63 एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मरों में से एक के खराब होने से जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। इस समस्या से करीब छह विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े लाखों उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।
विभाग ओवरलोड को नियंत्रित करने के लिए फीडरों को बंद कर बारी-बारी से आपूर्ति कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है।
जानकारी के अनुसार, टांडा 132 में स्थापित दो ट्रांसफार्मरों में से एक के खराब हो जाने के कारण दूसरे ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त भार आ गया है। इस ओवरलोडिंग के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। विभाग ने समस्या को नियंत्रित करने के लिए कई उपकेंद्रों से संचालित दो से तीन फीडरों को बंद कर दिया है, जिससे उपभोक्ताओं को अघोषित कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति मिलनी चाहिए, लेकिन यह घटकर महज 12 से 14 घंटे रह गई है। औझीपुर उपकेंद्र की स्थिति सबसे अधिक खराब रही, जहां देर रात से ब्रेकडाउन के कारण करीब सात घंटे तक लगातार बिजली आपूर्ति बंद रही। सूलेमपुर संवाद के अनुसार, सुलेमपुर फीडर से जुड़े लगभग 10 से 12 गांव बिजली की लगातार कटौती से परेशान हैं। पिछले दो दिनों से सुलेमपुर, एकडल्ला, मिश्रौलिया, चौबे का पूरा, दौलतपुर, सिसवा, जल्लापुर, साबुकपुर सहित कई गांवों में 18 घंटे में मात्र चार से पांच घंटे ही बिजली मिल पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी बिजली कटौती का दौर जारी है।
अकबरपुर के बैरमपुर बरवा बिजली घर के टाउन फीडर से जुड़े मीरानपुर आंशिक, मिर्जापुर, नाकाचुंगी, तमसा मार्ग, इंद्रलोक कॉलोनी, फायर स्टेशन कॉलोनी सहित 10 मोहल्लों में बुधवार की रात 11 बजे बिजली गुल हो गई, जो रात 12 बजे फाल्ट ठीक होने के बाद बहाल हो सकी। इसी तरह मरैला बिजली घर पर भी रात एक बजे बिजली गुल हुई और 45 मिनट बाद बहाल हुई। बृहस्पतिवार को भी बिजली की ट्रिपिंग जारी रही, इससे उपभोक्ताओं परेशान रहे।
एसडीओ ट्रांसमिशन आरपी पाठक ने बताया कि टांडा ट्रांसमिशन बिजली घर का एक ट्रांसफार्मर खराब हुआ है। लखनऊ से दूसरा ट्रांसफार्मर मंगवाया गया है। रोस्टिंग के अनुसार बिजली आपूर्ति दी जा रही है।