अंबेडकरनगर के बदरुद्दीनपुर के ग्राम पंचायत भवन में हो रहा मुर्गी पालन।
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अंबेडकरनगर। लाखों रुपए खर्च कर जिस भवन में बैठकर ग्राम पंचायत के विकास का खाका खींचने का उद्देश्य था, वह मुुर्गी फार्म बनकर रह गया है। मुर्गी फार्म भी ऐसे लोगों का है जिसका ग्रामीण खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने गोपनीय ढंग से सूचना ब्लॉक व तहसील प्रशासन तक पहुंचायी, लेकिन किसी ने इसे संज्ञान लेना मुनासिब नहीं समझा। ग्राम स्तरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी पंचायत भवन पर हुए इस अवैध कब्जे को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। जिम्मेदार लोगों की यह उदासीनता पंचायत भवन के उद्देश्य पर ही सवालिया निशान खड़ा कर रही है।
मामला भियांव विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बदरुद्दीनपुर का है। ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर होने वाली खुली बैठक या फिर ग्राम स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बनाया जाता है। इस ग्राम पंचायत में भी एक दशक पहले इस भवन का निर्माण हुआ। हालांकि भवन पर भले भी कभी ग्राम स्तरीय अधिकारी न दिखे और न ही खुली बैठक हुई, लेकिन इन दिनों कुछ मनबढ़ लोगों ने ग्राम पंचायत के इस बहुउद्देशीय पंचायत भवन को मुर्गी फार्म बना लिया है।
बाकायदा पंचायत भवन में चूजे तैयार किए जा रहे हैं। करीब एक पखवारे से पंचायत भवन में मुर्गी फार्म चलाया जा रहा है। मुर्गी फार्म मनबढ़ लोगों का होने के चलते ग्रामीण खुलकर इसका विरोध नहीं कर रहे हैं। परन्तु जिम्मेदार लोगों की उदासीनता से ग्रामीणों में नाराजगी का माहौल है।
गांव के कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पंचायत भवन पर अक्सर इन्हीं लोगों का कब्जा रहता है। ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा भी पंचायत भवन के रखरखाव की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता है। अधिकारियों को भी पंचायत भवन में मुर्गी फार्म संचालित करने की सूचना दी गई, लेकिन ब्लॉक व तहसील के अधिकारी भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। उधर ग्राम प्रधान सत्यप्रकाश दुबे ने पंचायत भवन में मुर्गी फार्म खुलने जैसी जानकारी होने से इन्कार किया है। कहा कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है। यदि ऐसा होगा तो उसे तत्काल हटवाया जाएगा।
भियांव के बीडीओ श्याम सिंह ने बताया कि मामला गंभीर है। ग्राम पंचायत भवन का निर्माण विकास कार्यों की चर्चा परिचर्चा या खुली बैठक आयोजित करने के उद्देश्य से हुआ है। यदि कोई उसे निजी उपयोग में लेगा तो संज्ञान लिया जाएगा। मामले की जांच करायी जाएगी। यदि अवैध कब्जा मिला तो कार्रवाई भी होगी।
श्याम सिंह, बीडीओ भियांव