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बंद होनी चाहिए लोगों को बहकाने की राजनीति

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अंबेडकरनगर के कोटवा महमदपुर स्थित संत द्वारिका पीजी कॉलेज परिसर में वोटर अड्ढा में मौजूद शिक्षक - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। सदन में साफ सुथरी छवि के लोग पहुंचेंगे तो जनता का भला ज्यादा होगा। संवेदनशील व जुझारू जनप्रतिनिधियों के चलते आम जनता के अधिकारों की रक्षा बेहतर ढंग से होती है। यह विचार शनिवार को संत द्वारिका पीजी कॉलेज कोटवा महमदपुर में आयोजित वोटर अड्डा में शिक्षकों व अन्य नागरिकों ने प्रकट किए। कहा कि सरकार युवाओं, महिलाओं, किसानों समेत आम नागरिकों का वास्तविक हित तय करने वाली होनी चाहिए। इससे ही समाज का भला बेहतर ढंग से हो सकेगा। नागरिकों ने कहा कि जाति व धर्म को लेकर आम लोगों को बहकाने की राजनीति बंद होने की जरूरत है। जातीय नफरत भी तमाम दल फैलाते रहते हैं। इस पर भी रोक लगने की जरूरत है। सबको साथ लेकर चलते हुए समुचित विकास तय करने वाली सरकारें ही लोकतंत्र में होनी चाहिए। नागरिकों का कहना था कि हमारी सरकारें ऐसी होनी चाहिए, जो अपना एजेंडा जनता पर थोपने की बजाए जनता का एजेंडा तय करें।
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लोकतंत्र का मंदिर होता सदन
सदन लोकतंत्र का मंदिर होता है। इसमें साफ सुथरी छवि वालों को ही जाना चाहिए। ऐसे मंदिर से सिर्फ लोकतंत्र की मजबूती की बातें होनी चाहिए। हालांकि इस प्रकार से नहीं होता है। अक्सर देखा जाता है कि सदन जंग का मैदान बन जाता है। यह पूरी तरह से गलत है। ऐसा होने पर वह लोग खुद को ठगा सा महसूस करते हैं, जो बड़ी उम्मीदों के साथ उन्हें सदन में भेजते हैं।
-राकेश वर्मा
जाति-धर्म में बंटकर न करें वोट
चुनाव से पहले तो हम सभी स्वच्छ व बेहतर माहौल वाला सदन होने की बात करते हैं। हम कहते हैं कि सदन में उसी को जाना चाहिए, जो वाकई योग्य है, जो समाज व देश हित के बारे में सोचे। लेकिन जब योग्य जनप्रतिनिधि का चुनाव करने का समय आता है, तो हम जाति व धर्म में बंट जाते हैं। पूर्व में की गई बातों को भुला देते हैं। हमारी इस गलती के चलते कुछ ऐसे भी सदन में पहुंच जाते हैं, जो वहां के काबिल नहीं होते हैं। मतदान का दिन आ रहा है। हम सभी को इसे लेकर पूरी गंभीरता दिखानी होगी।
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-मनीष कुमार
शिक्षा की बेहतरी पर हो ध्यान
देश दावों व वादों से नहीं चलता है। इसे चलाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना होगा। किसी भी देश का विकास शत-प्रतिशत शिक्षित होने से होता है। ऐसे में शिक्षा क्षेत्र को बेहतर बनाने पर जोर देना होगा। जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है कि शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं व महिलाओं को पूरी तरह से सशक्त करे। ऐसा करने से ही समाज व देश का विकास होगा।
-पदमनाथ पांडेय
युवाओं को मिलें रोजगार के अवसर
युवा देश की रीढ़ होते हैं। युवाओं में कुछ नया करने का जज्बा होता है। समाज व देश के प्रति कार्य करने का जुनून होता है। युवाओं के जुनून को बरकरार रखने की जरूरत है। यदि युवा मजबूत होगा। शिक्षित होगा और रोजगार से जुड़ा होगा, तो उसमें एक नई सोच होगी। इसके लिए जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि न सिर्फ युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा का माहौल तैयार करें, बल्कि रोजगार के भी माध्यम उपलब्ध कराएं।
-डॉ. संतोष चौहान
सदन में मजबूती से उठाए समस्याएं
जनप्रतिनिधि समूचे क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है। जब वह सदन में पहुंचता है, तो वह किसी विशेष धर्म, जाति का नहीं होता, बल्कि अपने क्षेत्र का प्रतिनिधि होता है। ऐसे में जब भी वह सदन में आवाज उठाए, तो जाति, धर्म व दलगत से ऊपर उठकर क्षेत्र की समस्याओं को पूरी मजबूती के साथ उठाए। जिस दिन ऐसा होने लगेगा, उस दिन से ही देश का विकास तेजी के साथ होगा और समूचे विश्व में देश सबसे ऊपर होगा।
-डॉ. शिवम मौर्य
योग्य प्रतिनिधि का हो चयन
चुनाव होता क्यों है। पहले यह समझना चाहिए। चुनाव इसलिए होता है कि हम सभी ऐसे व्यक्ति को जनप्रतिनिधि बनाएं, जो मूलभूत समस्याओं को दूर करे। समाज व देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का समुचित ढंग सेे निर्वहन करे। जब वह सत्ता के गलियारे में पहुंचे, तो हम सवाल करेें और वह उसका जवाब दे। यही लोकतंत्र है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए हमें योग्य व ईमानदार व्यक्ति को ही सदन तक पहुंचाएं।
-उमेशचंद्र
स्कूलों की दशा में हो सुधार
सत्ता में जो भी आए, उसकी जिम्मेदारी है कि वह शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कदम उठाए। सरकारी स्कूलों व कॉलेजों की दशा व दिशा सुधारने के लिए ठोस रणनीति तैयार करे। यदि माहौल शिक्षित होगा, तो सोच भी सकारात्मक होगी। समाज व देश के विकास के बारे में सोचा जाएगा। जब ऐसा होगा, तो समाज, क्षेत्र व देश का विकास भी तेजी के साथ होगा। हम सभी की भी जिम्मेदारी है कि मतदान करने के दौरान ऐसे जनप्रतिनिधि का चुनाव करें, जो वाकई समाज व देश हित के बारे में सोचता हो।
-सिद्धार्थ
स्वच्छ छवि वाले को बनाएं प्रत्याशी
राजनीति से अपराध को दूर होना चाहिए। राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे टिकट देने के दौरान इस बात को जरूर ध्यान में रखें कि वह साफ सुथरी छवि वाले को ही अपना प्रत्याशी बनाएं। यदि राजनीतिक दल इसे लेकर गंभीर नहीं होते हैं, तो चुनाव आयोग को ठोस कदम उठाना चाहिए। चुनाव आयोग को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि अपराधी प्रवृत्ति के लोग सदन तक न पहुंचने पाएं। जिस दिन ऐसा होगा, सदन का माहौल बदल जाएगा।
-रमेश पटेल
काबिल व्यक्ति को सदन में पहुंचाएं
लोगों के सामने बहुत सी समस्याएं हैं। महंगाई, रोजगार समेत कई अन्य प्रकार की समस्याएं हैं। जिस भी राजनीतिक दल का जनप्रतिनिधि, उसकी जिम्मेदारी है कि वह मूलभूत समस्याओं को दूर करने को लेकर गंभीरता दिखाए। यदि महंगाई कम होगी और बेरोजगारी से देश को निजात मिलेगी, तो देश का विकास तेजी से होगा। आम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे मतदान करने से पहले इस बात को जरूर ध्यान में रखें कि जिसे वह वोट दे रहे हैं, वह सदन में पहुंचने के काबिल है भी या नहीं।
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-आज्ञाराम वर्मा
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